ये क्या हरकत कर डाली पत्रकारों ने

kabir Sharma
3 Min Read
WhatsApp Channel Join Now

कोची तट पर लेने पहुंचे ईरानी युद्धपोत की तस्वीरें, सुरक्षा नियमों के है विपरीत, नेशनल चैनल के हैं दोनों पत्रकार, पत्रकारों के चक्कर में नाविक भी फंसा

नई दिल्ली/कोची। एक नेशनल चैनल के दो पत्रकारों ने वो शर्मसार करने वाला काम किया जो नहीं करना चाहिए था और उनकी यह हिमाकत सीधे-सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है। इनकी हरकत राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकती थी। वक्त रहते इनकी शर्मसार करने वाली हरकत की जानकारी मिल गयी और इन्हें दबोच लिया गया। अब चैनल वाले सफाई दे रहे हैं कि जैसा समझा जा रहा है वैसा कुछ नहीं था। वहीं दूसर ओर जिस नाव में सवार होकर ये दोनों नालाक पत्रकार कोची तट पर पहुंचे उसके नाविक के परिजन भी इन पत्रकारों को कोस रहे हैं।

यह है पूरा मामला

एक प्रमुख राष्ट्रीय टीवी चैनल के दो पत्रकारों को कोच्चि के मट्टनचेरी घाट के पास खड़े एक ईरानी युद्धपोत की तस्वीरें लेने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर केरल तट पर लंगर डाले जहाजों की तस्वीरें या वीडियो रिकार्डिंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। गिरफ्तार पत्रकारों के साथ ही उस नाव के चालक को भी हिरासत में ले लिया गया है, जिसमें सवार होकर वे युद्धपोत के पास गए थे। अधिकारियों के अनुसार, पत्रकारों ने ईरानी युद्धपोत आइरिस लावन की तस्वीरें लेने का प्रयास किया, जो वर्तमान में कोच्चि तट के पास खड़ा है। इससे पहले मीडिया टीम ने क्षेत्र की सुरक्षा कर रहे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) कर्मियों से संपर्क कर युद्धपोत की तस्वीरें लेने की अनुमति मांगी थी।

भारत से मांगी थी मदद

अमेरिकी पनडुब्बी के श्रीलंका के तट पर ईरानी वॉरशिप को निशाना बनाने से कुछ दिन पहले ईरान ने भारत से अपने एक अन्य जहाज, IRIS लावन के लिए मदद मांगी थी। उसी जहाज को पत्रकारों ने खतरे में डालने का काम किया। यह जहाज एक्ससाइज और इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के सिलसिले में क्षेत्र में मौजूद था। भारत ने उस ईरानी जहाज को डॉकिंग की परमिशन दी। 28 फरवरी को भारत को ईरान की ओर से एक इमरजेंसी अपील मिली थी, जिसमें कहा गया था कि जहाज में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई है, जिसकी वजह से उसे मरम्मत के लिए कोच्चि में डॉक करना बहुत जरूरी है। भारत ने मानवीय और तकनीकी आधार पर इस अपील को स्वीकार किया और जहाज को 1 मार्च को डॉकिंग की अनुमति दे दी।

पत्रकारों की हरकत खतरे का बनती कारण

इन पत्रकारों की हरकत कोची तट पर ईरानी शिप के लिए बड़े खतरे का कारण बन सकती थीं। पत्रकारिता या बड़े चैनल में होने का यह मतलब नहीं कि देश की सुरक्षा को ही खतरे में डाल दिया जाए।

- Advertisement -

WhatsApp Channel Join Now
TAGGED:
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *