राज्य विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर थी परेशानी, कई बार की बैठकों के बाद निकला फार्मूला, पी चिदंबरम ने निकाला रास्ता
नई दिल्ली/तामिलनाडु। राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की टाल मटोल के पुराने रवैये के नाराज जब डीएमके ने आंखें तरेंरी तो कांग्रेस रास्ते पर आ गयी। दरअसल इस बार कांग्रेस का झुकाव डीएमके की तरफ ना होकर TVK (विजय की पार्टी) जैसे नए खिलाड़ी के प्रति था। यह साफ्ट कार्नर राहुल गांधी की वजह से नजर आ रहा था। वो विजय की पार्टी को तवज्जो दे रहे थे, लेकिन जब स्टालिन ने रास्ता अगल करने की धमकी दी तो कांग्रेस लाइन पर आ गयी और समझौता भी हो गया।
पी. चिदंबरम ने निकाला रास्ता
तमिलनाडू चुनाव को लेकर कांग्रेस व डीएमके के बीच जो सीट शेयरिंग का मामला अटका हुआ था, उसका अवरोध दूर करने का काम पुराने कांग्रेसी और दस जनपथ के विश्वासपात्र पी. चिदंबरम ने किया। उन्होंने स्टालिन से बातचीत की और कुछ नफा कुछ नुकसान की लाइन पर चलते हुए बीच का रास्ता निकला लिया गया। कांग्रेस हाईकमान ने पी. चिदंबरम को अधिकृत किया कि वह DMK के साथ फाइनल सीट-शेयरिंग पैक्ट सील करें।
यह इतनी-इतनी सीटें आयीं है हिस्से में
कांग्रेस और डीएमके के हिस्से में सीटों की बात करें तो लंबी Negotiations के बाद Breakthrough हुआ है, जहां DMK ने कांग्रेस को 28 विधानसभा सीटें और 1 राज्यसभा सीट देने का वादा किया है (कुछ रिपोर्ट्स में 27-28 के आसपास फाइनल हुआ दिख रहा है)। राहुल गांधी ने भी इस डील को मंजूरी दे दी है। राहुल गांधी की मंजूरी के बाद अब दोनों दल कमरकस राज्य विधानसभा के चुनावी महासमर में उतर पड़े हैं। उम्मीद की जा रही है कि शीघ्र ही उम्मीदवारों का भी एलान कर दिया जाएगा। पिछले कई दिनों से डेडलॉक था—कांग्रेस 30+ सीटें और पावर-शेयरिंग की मांग कर रही थी, जबकि DMK शुरुआत में सिर्फ 25 सीटें + 1 RS ऑफर कर रहा था। अब गठबंधन मजबूत हो गया है, जो तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (2026) के लिए INDIA ब्लॉक के लिए अहम है।
TVK
TVK ने बार-बार स्पष्ट किया है कि वह 2026 चुनाव अकेले लड़ेगी—न DMK के साथ, न BJP/NDA के साथ, न AIADMK के साथ कोई गठबंधन। विजय ने खुद को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किया है और कहा है कि चुनाव TVK vs DMK के बीच है (Stalin की “TN vs Delhi” वाली नैरेटिव को खारिज करते हुए)।