
हथिनी माधुरी को वापिस नांदणी मठ लाने के लिए सुदीप जैन के नेतृत्व में निकला पैदल मार्च

कोल्हापुर /नई दिल्ली । नांदणी मठ (जैन मठ) कोल्हापुर महाराष्ट्र में पिछले 35 साल से परिवार के सदस्य की तरह रह रही हथिनी माधुरी को अनंत अंबानी के वंतारा जाम नगर गुजरात में भेजे जाने के विरोध में विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुदीप जैन के नेतृत्व में यूपी के मेरठ में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पुरुषों और बच्चों ने पैदल मार्च किया। यह पैदल मार्च कल शाम 6 बजे श्री महावीर जयंती भवन शारदा रोड से प्रारंभ हुआ और पंचबाल्यति जैन मन्दिर, झंडे वाला चौक, किशनपुरी, पत्थर वालों में होता हुआ अंबेडकर तिराहा (दिल्ली रोड पर मेट्रो प्लाजा के सामने) पर आकर संपन्न हुआ जहां उपस्थित सक्षम अधिकारी को हथिनी माधुरी की नांदणी मठ में वापसी के लिए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।पैदल मार्च में चल रहे लोगो ने हथिनी माधुरी का मास्क पहना हुआ था और सभी के अंदर हथिनी माधुरी को नांदणी मठ से वंतारा भेजे जाने का भारी आक्रोश और दुख था। हाथों में जैन पंचरंगा ध्वज और नारों की तख़्तियाँ लिए लोगो ने हथिनी माधुरी को वापिस दो नांदणी मठ को वापिस दो, अंबानी तुम शर्म करो, पेटा वाले शर्म करो, सूना करके नांदणी मठ को चैन से न सो पाओगे, हथिनी माधुरी वापिस कर दो वरना बहुत पछताओगे, जियो का बॉयकोट करो आदि नारे लगाए गए। विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुदीप जैन ने कहा कि रिलायंस के मालिक मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी की नज़र नांदणी मठ में पिछले 35 सालों से रह रही हथिनी माधुरी पर पड़ गयी। उसके बाद उन्होंने उसको हासिल करने का प्रयास किया और जब बात नहीं बनी फिर उन्होंने पेटा संस्था को मोहरा बनाकर पेटा से कोर्ट में याचिका दाखिल करायी। पेटा संस्था ने अपने निजी हित साधने के लिए और अंबानी का कृपा पात्र बनने के लिए नांदणी मठ पर झूठे आरोप लगाते हुए कूट रचित दस्तावेज तैयार किए। पेटा द्वारा मिथ्या दस्तावेज तैयार कर न्यायालय को भ्रमित किया गया।
सुदीप जैन ने कहा कि पेटा की जीव दया तब कहां चली जाती है जब छत्तीसगढ़ में हसदेव के जंगलो को इन्हीं पूंजीपतियों के लिए काटा जाता है, जब तेलंगाना में कांची के जंगलों को काटा जाता है, जब सड़क पर गौ वंश आवारा फिरते है, जब चिड़ियाघर में जानवरों को पिंजड़े में रखा जाता है, जब भारत बीफ एक्सपोर्ट में नंबर 2 हो जाता है, ऐसे मामलों में पेटा वाले कौन सी पेटी लेकर कौन सी पेटी में बंद हो जाते है।
सुदीप जैन ने कहा कि किसी भी वर्ग को खत्म करना हो तो उसकी धार्मिक और संस्कृतिक विरासत पर चोट करो और राजनीतिक रूप से कमजोर कर दो, ऐसी ही साजिश जैन समाज के साथ की जा रही है। सुदीप जैन ने कहा कि हमसे पहले पीढी की शराफत देखकर आज की युवा पीढ़ी से उलझने की भूल न करे।
सुदीप जैन ने कहा कि जैन धर्म में तो प्रकृति के सूक्ष्म से सूक्ष्म जीव के प्रति रक्षा का भाव है। उस जैन समाज पर जो सबसे ज्यादा जीव दया का अनुपालन करता है ऐसे आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। हथिनी माधुरी को नांदणी मठ से इस तरह ले जाना हमारी संस्कृति और विरासत पर हमला है। सुदीप जैन ने कहा कि हथिनी माधुरी मठ में प्रतिदिन देव दर्शन करने के बाद भोजन पानी लेती थी और रात्रि भोजन नहीं करती थी। माधुरी सभी साधुओं को सूंड उठाकर नमस्कार करती थी। सुदीप जैन ने कहा कि हथिनी माधुरी के नांदणी मठ में वापिस आने तक आंदोलन जारी रहेगा।
विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सौरभ जैन सर्राफ, राष्ट्रीय संयोजक अक्षय जैन अरिहंत, निर्माण संस्था के उपाध्यक्ष विनोद कुमार, विशाल जैन खाद वाले, अनिल जैन, विजय जैन, सागर जैन, नमन जैन, नाज़िम सैफी, परमजीत सिंह, रुपाली जैन, अतुल जैन, राहुल जैन आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।