आईएमए मेरठ का शानदार आयोजन, कान्फ्रेंस लगा डाक्टरों का मेला, महत्वपूर्ण बीमारियों व विषयों पर चर्चा, डा. संदीप जैन का रहा विशेष सहयोग
मेरठ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मेरठ शाखा द्वारा नॉर्थ जोन नेशनल कॉन्फ्रेंस 2026 का भव्य आयोजन डॉ. भूपाल सिंह मेमोरियल हॉल, बच्चा पार्क में किया गया। इसमें उत्तर भारत सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 425 चिकित्सकों सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों तथा आईएमए के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, आधुनिक उपचार तकनीकों तथा मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए अपनाई जा रही नई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
शुभारंभ डा. राजीव गोयल
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. राजीव गोयल द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद अग्रवाल, डॉ. रविश अग्रवाल, प्रदेश सचिव डॉ. आशीष अग्रवाल तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। डॉ. राजीव गोयल ने कहा कि आज की बदलती जीवनशैली बढ़ता प्रदूषण, अनियमित खान-पान और डायबिटीज एवं हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के कारण किडनी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, जागरूकता और सही जीवनशैली अपनाकर इन बीमारियों को काफी हद तक रोका जा सकता है। चिकित्सकों की जिम्मेदारी केवल इलाज तक सीमित नहीं है बल्कि समाज को रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है।
सम्मेलन का उद्देश्य
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किडनी रोगों की रोकथाम एवं प्रारंभिक पहचान, पर्यावरणीय कारकों का स्वास्थ्य पर प्रभाव, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का आदान-प्रदान, चिकित्सकों को नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना, मरीजों के लिए बेहतर उपचार व्यवस्था विकसित करना आदि। इस मौके पर आईएम मेरठ शाखा की अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी ने कहा कि इस प्रकार की वैज्ञानिक कॉन्फ्रेंस चिकित्सकों के लिए ज्ञानवर्धन का महत्वपूर्ण माध्यम होती हैं जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल पाता है।
कई गंभीर बीमारियों पर व्याख्यान
इस सत्र में डॉ. अतुल मिश्रा (ऑर्थोपेडिक सर्जन, फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा) ने घुटनों के दर्द के आधुनिक उपचार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के समय में कम उम्र में भी ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीज बढ़ रहे हैं जिसका मुख्य कारण मोटापा, बैठा-बैठा जीवन और व्यायाम की कमी है। उन्होंने बताया कि अब घुटनों के इलाज में केवल सर्जरी ही विकल्प नहीं है बल्कि, आधुनिक तकनीकों से भी बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यदि मरीज समय पर उपचार ले तो घुटना प्रत्यारोपण की जरूरत को कई वर्षों तक टाला जा सकता है। डॉ. मुकुल रस्तोगी (गैस्ट्रो एवं लीवर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ, मेदान्ता हॉस्पिटल) ने लीवर ट्रांसप्लांट के संकेतों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि निम्न स्थितियों में लीवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि अब भारत में लीवर ट्रांसप्लांट की सफलता दर काफी बढ़ गई है और समय पर रेफरल से मरीज की जान बचाई जा सकती है। डॉ. अमित मलिक (इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, मेदान्ता नोएडा) ने पेसमेकर की आवश्यकता प्रकार और उपयोग पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किन मरीजों को पेसमेकर की जरूरत होती है।
रोबोटिक सर्जरी ने महिला कैंसर उपचार में क्रांति
डॉ. प्रिया बंसल (गाइनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, मेदान्ता) ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी ने महिला कैंसर उपचार में क्रांति ला दी है। उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के लाभ व्यापक हैं तथा भविष्य में रोबोटिक सर्जरी कैंसर उपचार का प्रमुख माध्यम बनेगी। डॉ. संजीव गेरा (सीनियर डायरेक्टर कार्डियोलॉजी, फोर्टिस नोएडा) ने कार्डियोलॉजी में नई तकनीकों पर व्याख्यान दिया। दोपहर बाद आयोजित सत्रों में कैंसर और इम्यूनोथैरेपी जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. एम. वेंकटाचेलपति चिकित्सकों की कानूनी जिम्मेदारियों पर चर्चा की। डॉ. सज्जन राज पुरोहित (ऑन्कोलॉजी मेडांता) ने कैंसर स्क्रीनिंग में नई तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में पता लग जाए तो 70-90′ मामलों में सफल उपचार संभव है। डॉ. रजत बजाज (डायरेक्टर मेडिकल ऑन्कोलॉजी) ने इम्यूनोथैरेपी की भूमिका पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले इसको लाइलाज माना जाता था लेकिन अब कैंसर का जल्दी पता लगाया जा सकता है। उन्होंने कई केस स्टडी भी प्रस्तुत की। सम्मेलन के मुख्य विषय के अनुरूप किडनी स्वास्थ्य पर भी चर्चा की गई। सम्मेलन में यह भी बताया गया कि पर्यावरणीय प्रदूषण का किडनी और अन्य अंगों पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
प्लास्टिक को कहें ना
चिकित्सकों ने कहा प्लास्टिक उपयोग कम करें, ग्रीन हॉस्पिटल की अवधारणा अपनाएं। इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन मुख्य अतिथियों द्वारा किया गया जिसमें चिकित्सा से जुड़े महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित किए गए।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्य पदाधिकारी ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. उमंग मित्तल अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी ब्रांच सचिव डॉ. विकास गुप्ता ऑर्गेनाइजिंग सचिव डॉ. अपार अग्रवाल, इन सभी ने संयुक्त रूप से सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। डॉ. मनीषा त्यागी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्ठ। मेरठ भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा । इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका की बात करें तो वह सिर्फ और सिर्फ डा. संदीप जैन के हिस्से में जाती है।