हाईवे पर मुसीबत में कांड़िया

kabir Sharma
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मेरठ। कांवड़ यात्रा के दौरान एनएच-58 हाईवे को पार करने किसी मुसीबत को माेल लेने से कम नहीं। आम आदमी की तो बात छोड़ दीजिए, जो कांवड़ लेने जा रहे हैं, रविवार की रात को वो भी मुसीबत में फंस गए। बागपत रोड फ्लाई ओवर से लेकर कंकरखेड़ा फ्लाई ओवर तक जबरदस्त जाम और जाम भी ऐसा कि उसमें मरीज को लेकर जा रही एम्बुलेंस भी फंस गयी। एम्बुलेंस में मौजूद मरीज इलाज में देरी की वजह से तड़पता रहा, उसके परिजन गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी पर कोई असर नहीं। परिजनों की गुहार वहां सुनने वाला कोई नहीं था। इस जाम की शुरूआत बागपत रोड फ्लाई ओवर के ऊपर और सर्विस रोड से शुरू हुई सर्विस रोड की दोनों साइडों पर बाइक और गाड़ियों के हॉर्न चिंघाड रहे थे। लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था, उस पर कांवड़ यात्रा में शामिल डीजे का कान फोडू शोर। जाम की एक वजह यह भी थी कि हर एक को निकलने की जल्दी थी, वो दूसरे को रास्ता देने को तैयार नहीं था। सर्विस रोड पर ही बुरी तरह से जाम लगा था। लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि कहां जाए कहां से निकलें। इस मुसीबत के दौर में हमेशा के लिए पुलिस गायब थी। जो पुलिस वाले थे, वो बजाए जाम खुलवाने के फ्लाई ओवर के नीचे खड़े होकर खीसे निपोर रहे थे। हाईवे के मेन रोड से हरिद्वार की ओर जाने वाले वाहनों का इतना ज्यादा हुजूम था कि सर्विस रोड पर रूके वाहनों को आगे बढ़ने की जगह तक नहीं मिल रही थी। इससे थोड़े आगे चलने पर खड़ौली के समीप रोहटा रोड फ्लाई ओवर के पास भंयकर जाम लग गया। यहां लगा जाम फिर आगे तक कंकरखेड़ा से भी आगे तक लगा रहा। इस जाम में जो भी फंसा वह पुलिस प्रशासन की बदइंतजामी को गुस्सा निकलता रहा था। जो लोग बाइक से कांवड़ लेने के लिए जा रहे थे और उनकी बाइक पीछे महिला और बच्चे थे, सबसे बुरी हालत उनकी थी। जाम में फंसे और मुसीबत झेल रहे कुछ बाइकों पर बैठे बच्चे तो रोने तक लगे। जाम का कहर कांवड़ियों पर भी टूटा। कई कांवड़ियों ने जाम से निकलने के लिए डिवाइडर पंप करने का प्रयास किया ताकि जिस मार्ग से कांवड़ लेकर लौट रहे थे, उस ओर से निकल जाए, लेकिन यह भी आसान नहीं था। उनकी बाइक डिवाडर में फंस कर रह गयी। उनके साथी मदद का प्रयास कर रहे थे। कुल मिलाकर सब लोग इस हाइवे के लंबे रास्ते पर लगे जाम से परेशान थे। उनकी मदद को कोई नहीं आ रहा था। पुलिस प्रशासन के उन अफसरों को लोगों की मुसीबत से कोई सरोकार नहीं था। वो केवल आला अफसरों आगे पीछे मटक रहे थे। वर्ना कोई वजह नहीं कि पुलिस वाले चाहते थे हाईवे पर जाम में फंसे लोग ना निकल पाते। जाम की वजह से हालत हा-हाकारी थी। जाम से निकलने के लिए एक दूसरे को कुचलने पर लोग अमादा थे।

इस जाम की वजह वो लोग थे, जो कांवड़ लेकर वन वे मार्ग से लौट रहे थे। इनके अलावा जो कार या दूसरे भारी वाहन बजाए कांवड़ यात्रा मार्ग से लौट रहे थे वो वन वे पर आ गए थे। वहीं जो लोग कांवड़ यात्रा देखने के लिए परिवार के साथ आए थे। वो जाम की सबसे बड़ी वजह थे। उनके हाइवे पर इधर से उधर जाने के चलते हर मिनट जाम लगा जाता था। कांवड़िया भी रोड पर एक साइड से दूसरी साइड आ जा रहे थे। वो केवल हाथ भर उठाते और तमाम वाहनों के पहिये हाईवे पर थम जाते, वजह कई थीं लेकिन इस मुश्किल से निजात सिर्फ एक कारण से मिल सकती थी वो था पुलिस का इंतजाम जो कहीं नजर नही आया।

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