अवैध निर्माण में एमडीएल की मिलीभगत, हाईकोर्ट बैंच व ध्वस्त यातायात पर अधिकारियों की विफलता से कराएंगे अवगत
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश युवा अधिवक्ता एसोसिएशन ने मेरठ आ रहे मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के घेराव का एलान किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश युवा अधिवक्ता एसोसिएशन के जनसंपर्क प्रभारी एडवोकेट रामकुमार शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट बेंच की स्थापना व भ्रष्टाचार के विरुद्ध युवा अधिवक्ता सीएम का घेराव करेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश युवा अधिवक्ता एसोसिएशन के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता वीके शर्मा ने की एवं संचालन संगठन के जनसंर्पक प्रभारी राम कुमार शर्मा ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अधिवक्ताओं का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश का घेराव करेगा और उन्हें ज्ञापन सौंपेगा। ज्ञापन में जिन विषयों से सीएम योगी को अवगत कराया जाएगा उनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय की खंडपीठ (हाईकोर्ट बेंच) की स्थापना, मेरठ विकास प्राधिकरण और नगर निगम उउमें व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अवैध निर्माण व अवैध पार्किंग व अतिक्रमण के कारण ध्वस्त हो चुकी यातायात व्यवस्था। उक्त बैठक में मौजूद रहे अधिवक्ताओं ने तीव्र रोष व्यक्त करते हुए कहा कि मेरठ सहित समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की माँग को दशकों से अनदेखा किया गया है, जिससे नागरिकों को लखनऊ व प्रयागराज जाकर न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ता है। साथ ही अधिवक्ताओं ने मेरठ विकास प्राधिकरण में चल रहे अवैध निर्माण और व्यापक भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि “लखनऊ का एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मेरठ में अवैध निर्माण करने वाले भूमाफियाओं को संरक्षण दे रहा हैं, मेरठ विकास प्राधिकरण में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन किसी भी स्तर के अधिकारी द्वारा इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अत्यंत गंभीर बात यह है कि मेरठ के कुछ भूमाफियाओं और अवैध निर्माण करने वालों के उक्त आईएएस अधिकारी से पारिवारिक व व्यक्तिगत संबंध हैं। ये लोग उक्त अधिकारी को खुलेआम अपना ‘भागीदार’ बताकर अधिकारियों और आम जनता को प्रभावित करते हैं। यही कारण है कि अवैध कब्जे, अवैध निर्माण और नियमविरुद्ध कार्यवाही धड़ल्ले से की जा रही है। राम कुमार शर्मा ने यह भी बताया कि बैठक में यह भी तय किया गया कि हर दिन तीन-चार व्यक्तियों की सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जो मेरठ की ध्वस्त यातायात व्यवस्था और प्रशासन की विफलता का प्रमाण है। स्कूल जाने वाले छात्र, महिलाएं, राहगीर और आम नागरिक जान जोखिम में डालकर रोज यातायात से जूझते हैं। अवैध पार्किंग, संकीर्ण सड़कें और बिना अनुमति के निर्माण कार्यों से शहर की दशा अत्यंत चिंताजनक हो गई है। युवा अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल कल मुख्यमंत्री से मिलकर उपरोक्त गंभीर विषयों पर कार्रवाई की माँग करेगा। यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश भर के अधिवक्ता एक व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बैठक को विनोद कुमार, अशोक पंडित ,जगदीश प्रसाद, अरुण शर्मा , सलाउद्दीन , अरविंद शर्मा कंबोज, रवि कुमार, सुशील कुमार शर्मा, जफर पाशा आदि ने संबोधित किया।