
शिमला। शिमला के कुल्लू के समीप स्पिति के समीप शेखर महादेव तथा एक अन्य में धराली सरीखी मुसीबत आयी है। यहां बादल फटने की दो घटनाओं से हर तरफ लाशें ही लाशें नजर आ रही हैं। पानी के कहर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बड़े पत्थर जिन्हें लोडर भी नहीं उठा सकते, वो पानी के साथ कागज की नाम की मानिंद बहते चले आ रहे है। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे कुदरत का कहर और भी ज्यादा बढ़ने वाला है। पहाड़ के लोगों का कहना है कि बादल फटना तो अलग है लेकिन यहां आफत की बड़ी वजह पेड़ों का कटान और होटलों के लिए पहाड़ों का दोहन है। इस बीच कुल्लू के कई इलाकों तथा बाजारों में भी बारिश का कहर के अलावा पहाड़ों के फटने की वजह से पानी भर गया है। प्रशासन ने इन इलाकों से होटल व बाजार खाली करा लिए हैं, लेकिन होटल में ठहरने वालों की मुसीबत यह है कि वो जाएं तो जाएं कहा। जिन इलाकों में बादल फटने की यह घटना हुई है, वहां अभी राहत नहीं पहुंच सकी है। लोगों काे सिटी बजाकर वहां रहने वाले एक अलर्ट कर रहे हैं। पहाड़ों पर यह पुराना तरीका है। वहीं दूसरी ओर प्रभावित इलाकों में लोग सरकार की राहत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन की मुश्किल यह है कि जहां बादल फटा है वहां अभी तक पानी की तीब्रता की वजह से राहत पहुंचाने में पहाड़ सरीखी मुसीबत खड़ी है। बादल फटने के बाद पानी बर्बादी पर उतर आया है। हर तरफ बर्बादी ही नजर आ रही है। पुल बह रहे हैं। चारों ओर आसमानी कहर नजर आ रहा हे।