मेडा की आफत बनेगा होटल

kabir Sharma
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होटल की पार्किग होगी नेहरू रोड पर, दिन हो या रात लगा करेगा अब भीषण जाम, अवैध होटल को राहत, बनेगी पब्लिक की आफत

इलाहाबाद/मेरठ। नेहरू रोड पर बनाया गया अवैध होटल जिसको कंपाउंड कर दिया गया है, यह मेडा अफसरों की आफत बनने जा रहा है क्याेंकि इस समेत पीएल शर्मा रोड के किंग बेकरी अवैध कांप्लेक्स व शंकर आश्रम के सामने किया जा रहा निर्माण को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज चौधरी ने पीआईएल हाईकोर्ट में दायर कर दी है। दरअसल प्राधिकरण से चंद कदम की दूरी पर पुराने मकान को तोड़कर तमाम कायदे कानून ताक पर रखकर अवैध रूप से होटल बनाने वालों को तो एमडीए ने तो कंपाउंड कर राहत दे दी, लेकिन यह राहत अब कचहरी व कलेक्ट्रेट में आने जाने वालों के अलावा जो अन्य यहां से गुजरते हैं उन्हें भारी मुसीबत का तोहफा दे दिया है। कचहरी जाने वाले दोनों पुलों कोआपरेटिव बैंक और मेघदूत पुल पर आए दिन भयंकर जाम लगता है। जब जाम लगता है तो सारा ट्रेफिक नेहरू रोड से होकर गुजरता है। लेकिन जब इस अवैध होटल की पार्किंग ही नेहरू रोड पर होगी तो बाकि की गाड़ियां कैसे निकल पाएंगी। सोमवार से इस मार्ग पर भयंकर जाम की स्थिति बनने जा रही है। इस होटल में पार्किग की जगह तक नहीं फ्रंट व सेटबैक तक नहीं। किस आधार पर कंपाउंडकिसी भी अवैध बिल्डिंग को कंपाउंड तभी किया जा सकता है जब उसके अवैध हिस्से को ध्वस्त कर दिया जाए। मेडा उपाध्यक्ष होटल को कंपाउंड करने की बात कह रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कि किसी आधार पर कंपाउंड किया गया है। होटल का निर्माण अवैध था तभी इस पर सील लगायी गई। सील लगाने के बाद कंपाउंड करने के लिए बिल्डिंग के अवैध हिस्से को ध्वस्त किया जाता है, लेकिन इस होटल के मामले में तो ऐसा कुछ नहीं किया गया है। होटल अवैध था इसलिए सील किया गया या तो सील की कार्रवाई गलत थी या फिर कंपाउंड गलत किया गया है। दोनों में क्या बात सही है यह तो प्राधिकरण उपाध्यक्ष की बता सकते हैं। पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने इसके कंपाउंड की जानकारी दी, लेकिन इसका कंपाउंड यहां होकर गुजरने वाले ट्रेफिक के लिए मुसीबत बनने जा रहा है।

बगैर पार्किंग स्पेस के कंपाउंड कैसे

मेरठ। नेहरू रोड के जिस अवैध होटल एमडी वीसी कंपाउंड करने की बात कह रहे हैं, उस होटल में जब पार्किंग स्पेस ही नहीं है। फोटो में भी साफ नजर आ रहा है कि होटल में आने जाने के लिए रोड का कुछ हिस्सा भी कवर किया गया है। होटल की पार्किग तक नहीं है। क्या प्राधिकरण ने होटल के मालिक को रोड पर ही पार्किग की इजाजत दे दी है। यदि ऐसा नहीं है तो बगैर पार्किग स्पेस के पहले जिस होटल को अवैध बताकर सील किया गया, वो अब कंपाउंड कैसे कर दिया गया। या फिर यह मान लिया जाए कि रोड पर पार्किंग की इजाजत के साथ ही होटल को कंपाउंड किया गया है।

कितना टिक पाएगी हाईकोर्ट के सामने

मेरठ। तीन बडे़ अवैध निर्माणों को लेकर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की कोर्ट में आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज चौधरी ने जो पीआईएल दायर की है उसमें जिन तीन अवैध निर्माणों पर सुनवाई होनी है उनमें नेहरू रोड पर अवैध होटल का निर्माण, शंकर आश्रम के सामने अवैध रूप से चौथी मंजिल की तैयारी और पीएल शर्मा रोड पर किंग बेकरी का अवैध निर्माण। तीन तीनों अवैध निर्माणों को लेकर दायर की गई पीआईएल पर 11 सितंबर को सुनवाई की जानी है। तमाम तकनीकि पहलुओं की अनदेखी कर नेहरू रोड के अवैध होटल को कंपाउंड किया गया है, उसको लेकर एमडी के अफसर हाईकोर्ट के सामने कहां तक टिक पाएंगे यह कहना अभी मुमकिन नहीं। लेकिन इतना जरूर है कि जो पीआईएल दायर की गयी है उसमें मुख्य मुद्दा बगैर पार्किग के होटल को कंपाउंड कर दिया जाना है। यह तकनीकि खामी तीनों ही अवैध निर्माणों में है। जब कोर्ट इस बात को लेकर सवाल करेगी तो प्राधिकरण अफसर हाईकोर्ट में टिक सकेंगे इस पर भी संदेह है।

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