स्वार्थी व भगौड़े नेताओं के पुनः पार्टी में शामिल किये जाने से पुराने व संघर्षशील कार्यकर्ताओं में आक्रोश, खाटी समाजवादी संदीप तितोरिया का अध्यक्ष अखिलेश व प्रदेश अध्यक्ष को पत्र, पूछा सत्ता के लिए पार्टी छोड़ने वालों की एंट्री क्यों
लखनऊ/मेरठ। पुराने व संघर्षशील कार्यकर्ताओं द्वारा समाजवादी पार्टी को पुनः सत्ता तक पहुंचाने के लिए की जा रही मेहनत को दर किनार अपने निजी स्वार्थ व सत्ता के लिए जब समाजवादी पार्टी की सरकार गई और भाजपा की सरकार बनी तो यह भाजपा में चल गये थे। ऐसे पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं की पुनः वापसी से कार्यकर्ताओं में गुस्सा व आक्रोश है। संघर्षशील व घर घर तक श्रद्धेय नेताजी व समाजवादी पार्टी की नीतियों को पहुंचाने वाले व जनता को जागरुक करने वाले कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की मेहनत के कारण समाजवादी पार्टी लोकसभा में अपना परचम लहराकर सबसे अधिक सांसदों के साथ प्रदेश में सबसे बड़ी जीत दिलाई। समाजवादी पार्टी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव संदीप तितौरिया ने लखनऊ में प्रवास के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष मा0 अखिलेश यादव व प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर कार्यकर्ताओं के रोष व गुस्सा से अवगत कराया। उन्होने कहा कि एक ओर जहां अब सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी मा0 अखिलेश यादव जी को एक बार फिर पुनः प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए जी-जान से मेहनत कर रहे है वहीं दूसरी ओर हाईकमान द्वारा भगौड़े व स्वार्थी नेताओं को पुनः पार्टी में शामिल करना संघर्षशील व पुराने कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ता है और वह भी ऐसे नेता जिन्हें पूर्व में जनता नकार चुकी है। पुराने कार्यकर्ताओं व पदाधिकारीयों ने हाईकमान से मांग की है कि ऐसे नेताओं को पार्टी में शामिल न करें और पुराने कार्यकर्ताओं को पूरा मान सम्मान देने का कष्ट करें।