राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश, प्री ट्रायल बैठक आहूत, प्राथमिकता के आधार पर अधिक से अधिक मामले
मेरठ। अपर जिला न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रमेश कुशवाहा ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर 13 दिसंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों, पारिवारिक वादों, एन०आई० एक्ट के वादों, दीवानी वादों तथा बैंक ऋण वसूली वादों इत्यादि के लिए प्री-ट्रायल बैठक आयोजित की जाएगी।
अधिक से अधिक मामले होंगे निस्तारित
श्री अनुपम कुमार, जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेरठ के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादो का निस्तारण किये जाने हेतु मौहम्मद असलम सिद्दीकी, विशेष न्यायाधीश (एस०सी०/एस०टी० एक्ट) / नोडल अधिकारी लोक अदालत द्वारा समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेटगण के साथ चौदह न्यायालय भवन के सभागार कक्ष में प्री ट्रायल बैठक आहूत की गयी। उक्त बैठक में समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेटगण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादो को चिन्हित कर निस्तारण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक जनता को लाभान्वित किया जा सकें।
प्राथमिकता के आधार पर अधिक से अधिक चिन्हित
उक्त बैठक में श्री स्वप्न आनन्द, लघुवाद न्यायाधीश मेरठ, श्री नीरज कुशवाहा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट , श्रीमती नाहिद सुल्ताना, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या-01 तथा श्री अनुज ठाकुर, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या-04 मेरठ द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में किस प्रकार अधिक से अधिक वादो का निस्तारण किया जा सकता है, के सम्बन्ध में अपने-अपने विचार व्यक्त किये गये। उक्त के अतिरिक्त सभी न्यायिक मजिस्ट्रेटगण को राष्ट्रीय लोक अदालत धारा-138 एनआई एक्ट के वादो को प्राथमिकता के आधार पर अधिक से अधिक संख्या में चिन्हित करते हुए निर्देशित किया गया।