नगरायुक्त के दौरे के बाद भी हालात वही, पिलोखड़ी पुल से कमेला पुल तक बर्बाद, जगह-जगह बना दिए कूड़े के पहाड़
मेरठ। नगरायुक्त सौरभ गंगवार के दौरे के बाद भी महानगर के हापुड़ रोड इलाके के पांच वार्ड के हालात नहीं सुधरे। कूडे कचरे के जो पहाड़ नगरायुक्त को दिखाए गए थे, एक सप्ताह बीतने के बाद भी वहां क ेहालात जस के तस बने हुए हैं। लिसाड़ी रोड से हापुड़ रोड की ओर जाने वाला पिलोखड़ी पल पुराना कमेला रोड पर जगह-जगह लगे कूडे कचरे के ढ़ेर बता रहे हैं कि इस इलाकों को लेकर नगर निगम के अफसर कतई भी गंभीर नहीं हैं। भले ही नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने मौके पर मुआयना कर तुरंत सफाई कराए जाने का आश्वासन दिया हो।
नहीं हुआ असर
मौके पर ही सफाई इंस्पेक्टरों को फटकार लगायी गयी हो, लेकिन उनकी फटकार का कतिना असर सफाई इंस्पेक्टरों पर हुआ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी हापुड़ रोड के कूडे कचरे के पहाड़ों पर निगम के सफाई कर्मचारियों का इंतजार है। लेकिन सफाई कर्मचारी अभी इस इलाके मेहरबानी के मूड में नहीं। इस इलाके के लोगों को इसी नरक में सड़ने के लिए छोड़ दिया गया है। करीब आधा दर्जन पार्षदों के आग्रह पर नगरायुक्त पुराना कमेला हापुड़ रोड पहुंचे थे। वहां उन्हें मौके पर ले जाकर हालात दिखाए गए थे।
माना था हालात खराब
तब नगरायुक्त ने माना था कि वाकई यहां हालत ठीक नहीं। उन्होंने वहीं पर खड़े-खड़े सफाई इंस्पेक्टरों को रिमांड पर ले लिया था, लेकिन उनकी उस फटकार का लगता है कि सफाई निरीक्षक कोई असर ही नहीं हुआ। सफाई निरीक्षकों ने इस कान सुनी और उस कान से निकला दी। यहां के हालात की यदि बात करें तो पुराने कमेला पुल से पिलोखड़ी पुल तक मेन रोड पर जगह-जगह कचरे के पहाड़ बन गए हैं। इनसे उठने वाली सड़ांध की वजह से लोगों यहां रहना भी मुश्किल हो रहा है। कचरे की गंध से यहां व्यापक प्रदूषण फैल रहा है।
घर-घर लोग बीमार
सफाई की समुचित व्यवस्था ना होने की वजह से इस इलाके में संक्रामक रोड पांव पसार रहे हैं। घर-घर में लोग बीमार हो रहे हैं। गंदगी की वजह से फैल रहे प्रदूषण की चपेट में सबसे ज्यादा स्कूुली बच्चे आ रहे हैं। इस इलाके के तमाम प्राइवेट डाक्टरों के यहां बीमारों की भीड़ देखी जा सकती है। शहर के सीनियर फिजिशियन व बाल रोग विशेषज्ञ डा. शिशिर जैन का कहना है कि इस मौसम में बच्चों को लेकर खास सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर एक अन्य चिकित्सक डा. संदीप जैन ने बताया कि प्रदूषण की वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। लोगों को मुंह पर एन-95 मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। एलएलआरएम मेडिकल के प्रधानाचार्य डा. आरसी गुप्ता ने बताया कि इन दिनों मेडिकल की ओपीडी में बुखार व खासी के मरीज अधिक आ रहे हैं। इसकी वजह प्रदूषण है। उन्होंने सभी को प्रदूषण से सावधान रहने को कहा है। हालांकि उन्होंने बताया कि मेडिकल में इस स्थिति से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था है। दवाओं व डाक्टरों की कोई कमी नहीं है। गंभीर रोगी को वार्ड मे ंभर्ती करा दिया जाता है।
क्या कहती है पब्लिक
दूसरी ओर वार्ड 79 के पार्षद आसिफ का कहना है कि उनके वार्ड में अब सफाई कार्य कराया जा रहा है। वह स्वयं काम की निगरानी कर रहे हैं। पिलोखड़ी रोड से लेकर पुराना कमेला पुल तक के इलाके में नगर निगम के जो वार्ड आते हैं उनमें वार्ड 82, वार्ड 79, वार्ड 83, वार्ड 72 व वार्ड 88 आते हैं। ज्यादातर लोगों का आरोप है कि सफाई की समस्या को लेकर जब पार्षद का कॉम मिलाते हैं तो उनकी कॉल रिसीव ही नहीं की जाती, हालांकि इस संवाददाता ने जब वार्ड 79 के पार्षद आसिफ को कॉल किया तो उन्होंने कॉल रिसीव भी की और बताया भी कि क्या-क्या काम कराया गया है। बाकि का भी रेस्पांस बहुत अच्छा नहीं रहा जब कॉल की गई। वहीं दूसरी ओर भाजपा से जुड़े RTI एक्टिविस्ट सुशील रस्तौगी का कहना है कि पूरे शहर की ऐसी ही हालत है। सफाई के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा।