चीन का जस्टिस मिशन जंग आहट

kabir Sharma
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चीन का संदेश ताइवान को, ताइवान की आर्मी भी तैयार, टकराव हुआ तो भारत पर असर पड़ना तय, अमेरिका और जापान ताइवान के साथस

नई दिल्ली/बीजिंग। चीन ने जस्टिस मिशन के नाम पर बेहद विशाल व विस्तारवादी सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इससे एशिया और भारत के पड़ौस में जंग की आहट सुनाई दे रही है। सैन्य अभ्यास को चीन ने इसको जस्टिस मिशन नाम दिया है। जस्टिस मिशन सैन्य अभ्यास में लाइव फायरिंग की जा रही हैं। इसके दायरे में ताइवान आ गया है। चीन के जस्टिस मिशन सैन्य अभ्यास के बाद ताइबान और बीजिंग के बीच बड़े तनाव के रूप में देखा जा रहा है। एशिया में यह सैन्य अभ्यास तनाव का नया मोर्चा खोलने जा रहा है क्योंकि ताइवान ने भी मजबूती से चीन को उत्तर देने की चेतावनी जारी कर दी है। चीन और ताइबान के बीच इस तनाव से पूरी दुनिया के देश परेशान है। सबसे ज्यादा परेशानी यह अमेरिका के लिए होगी। हालांकि माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन ताइवान के साथ है।

PLA की ईस्टर्न कमांड का सैन्य अभ्यास

चीन के जिस जस्टिस मिशन सैन्य अभ्यास ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है उसकी चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने ‘जस्टिस मिशन 2025’ नाम से युद्धाभ्यासों की घोषणा की है, जिसमें युद्धपोत, लड़ाकू विमान, तोपखाना और लाइव फायर ड्रिल शामिल हैं। ये अभ्यास ताइवान को घेरने, उसके मुख्य बंदरगाहों पर नाकाबंदी और समुद्र-थल लक्ष्यों पर हमले का अभ्यास करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

ताइवान को सीधे चेतावनी

चीन ने सीधे सीधे ताइवान को चेतावनी दे डाली है। इससे टकराव तय माना जा रहा है। बीजिंग का कहना है कि मिशन जस्टिस “ताइवान अलगाववादियों” और “बाहरी हस्तक्षेप” के खिलाफ कड़ी चेतावनी हैं। सैन्य अभ्यास क्षेत्रफल और तीव्रता में पहले से कहीं बड़ा है, जो बीजिंग की ताइवान को पश्चिमी सहायता से काटने की क्षमता को प्रदर्शित करता है। अभ्यास मंगलवार को भी जारी रहेंगे।

ताइवान आर्मी भी तैयार टकराव की आशंका

दूसरी ओर, ताइवान ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है और अमेरिकी हथियारों का प्रदर्शन कर जवाबी हमले की तैयारी दिखाई है। जो हालात नजर आ रहे हैं उससे टकराव तय माना जा रहा है। इससे सीधा असर भारत पर पड़ेगा। ताइवान के राष्ट्रपति ने देश की रक्षा का संकल्प दोहराया है। यह तनाव हाल ही में जापानी प्रधानमंत्री के बयान और अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियार बिक्री के ऐलान के बाद बढ़ा है। हालांकि जापान और अमेरिका ने हमेशा ही चीन के खिलाफ ताइवान का साथ देने की बात कही है।

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