राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को अमेरिका फौजियों ने किया अरेस्ट, किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर रखा बंधक, कई देशों ने की अमेरिका की निंदा
नई दिल्ली/काराकास। दुनिया के सबसे बड़े तेल के भंडार के लालच में अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया है। राजधानी काराकास में चारों ओर अमेरिकी फौज नजर आ रही है। दुनिया को शांति का संदेश देने और रूस व यूक्रेन की जंग को खत्म करने का दम भरने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस हरकत की दुनिया कठोर शब्दों में निंदा कर रही है। साथ ही तेल जैसी प्राकृतिक संपदा से समृद्ध इस देश पर अमेरिका के हमले की तुलना ईराक पर किए गए उसके सालों पहले अवैध हमले से भी की जा रही है। दुनिया कह रही है कि इराक पर हमला भी तेल के लालच में किया गया था। यह हमला काफी व्यापक स्तर पर किया गया है।
निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी का नहीं कुछ पता
अमेरिका सेना के जवानों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं कि उन्हें कहां बंधक बनाकर रखा गया है। कुछ समय पहले राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने ट्रंप के खिलाफ कड़े लहजे में बयान दिया था। हालांकि उसके बाद यह उम्मीद नहीं की जा रही थी कि इतनी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। दुनिया के कई देश उनकी सलामती को लेकर परेशान हैं और चिंतित भी हैं।
ट्रंप ने दी हमले की जानकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर “बड़े पैमाने पर सैन्य हमला” किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह हमला सफल रहा और मादुरो अब अमेरिकी हिरासत में हैं। काराकास में कई विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं और सैन्य ठिकानों पर हमले हुए। यह घटना लैटिन अमेरिका में 1989 के पनामा आक्रमण के बाद अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है। वहीं दूसरी ओर दुनिया इसको अमेरिका की कायराना हरकत भी कह रही है। वेनेजुएला सरकार ने इसे “साम्राज्यवादी हमला” करार दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में प्रतिक्रियाएं विभाजित हैं। कुछ देशों ने इसे निंदा की है।