देश भर में विरोध प्रदर्शन, विरोध प्रदर्शनों के पीछे CIA की साजिश की आशंका, प्रदर्शनकारियों से निपट रहे हैं सुरक्षा बल
नई दिल्ली/तेहरान। इरान में आतंरिक संकट गहरा गया है। वहां व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका की खुफिया ऐजेंसी CIA का हाथ माना जा रहा है। US भी इरान के अंदरूनी हालात पर नजर रखे हुए हैं। जो कुछ वहां चल रहा है उसको खोमेनी का तख्ता पलट की आशंका के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन वेनेजुएला की तर्ज पर इरान में US जल्दबाजी नहीं कर रहा है। हालांकि सरकार ने पूरे इरान में इंटरनेट बंद कर दिया है। मोबाइल सेवा पर भी पहरा है। सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ सड़कों पर खुलकर नारेबाजी हो रही है। तानाशाह और मुल्ला गद्दी छोड़ो के नारे लग रहे हैं। ईरान के 100 से अधिक शहरों में पब्लिक सड़कों पर है, प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में सुरक्षा बलों के हाथों करीब 45 लोगों की मौत हो चुकी है और दो हजार से अधिक गिरफ्तार किए गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रदर्शनकारियों पर हिंसा किए जाने की स्थिति में अमेरिका के डायरेक्ट ऐक्शन की चेतावनी दे डाली है। जिसके बाद साफ हो गया है कि इस प्रदर्शन के पीछे CIA है।
US और इजराइल का प्रदर्शन को समर्थन
अमेरिका और इजराइल ने ईरान में हो रहे प्रदर्शन को समर्थन की बात कही है।अमेरिका ने तो सीधे ईरान को धमकी तक दे डाली है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रदर्शनों को शांत करने के प्रयास में सब्सिडी बढ़ाने की घोषणा की, लेकिन इसे अपर्याप्त बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और इजरायल ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है, जबकि ईरान ने बाहरी हस्तक्षेप की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारी महंगाई, रियाल की गिरती कीमत और आर्थिक कुप्रबंधन के खिलाफ नारे लगा रहे हैं, जिनमें “खामेनेई मुर्दाबाद” जैसे राजनीतिक नारे भी शामिल हैं। यदि हालात ना काबू में आए तो ईरान में एक और क्रांति से इंकार नहीं किया जा सकता।