महायुति की ऐतिहासिक जीत, महाराष्ट्र में भाजपा जश्न में डूबी, बीजेपी-शिंदे शिवसेना गठबंधन बहुमत से पार
नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र बीएमसी के चुनावों के परिणाम ने साफ कर दिया है कि अब महाराष्ट खासतौर से मुंबई में ठाकरे परिवार की तूती नहीं बोलती। ठाकरे परिवार से सुपर बॉस का खिताब भाजपा ने छीन लिया है। इस परिवार की तीस साल की बादशाहत आज खत्म हो गयी है। उद्धब और राज का मिलन भी ठाकरे परिवार की प्रतिष्ठा को ना बचा सका। बीएमसी चुनाव परिणाम ठाकरे परिवार की एकता, बीजेपी की रणनीति और महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्शाता है। 15 जनवरी 2026 को हुए मतदान के बाद 16 जनवरी को मतगणना में महायुति ने 227 वार्डों में से बहुमत का आंकड़ा (114 सीटें) पार कर लिया और अब ट्रेंड्स के अनुसार 125+ सीटों पर मजबूत स्थिति में है। BMC, जिसका 2025-26 बजट 74,427 करोड़ रुपये है, अब महायुति के नियंत्रण में आने की ओर है। मुंबई की सड़कें, सफाई, विकास परियोजनाएं और बजट आवंटन पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
तीस साल की बादशाहत खत्म
चुनाव परिणाम ने साफ कर दिया है कि महराष्ट्र में अब ठाकरे परिवार की तीस साल की बादहशत का अंत हो गया है। राज ठाकरे और उद्धव मिलकर भी इसको नहीं बचा सके। बीजेपी ने अकेले सबसे बड़ी पार्टी बनकर इतिहास रचा, जबकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एकजुट होने के बावजूद MVA (शिवसेना UBT + कांग्रेस + NCP) पीछे रह गई।
अरुण गवली की दोनों बेटियां हारी
इस चुनाव में सबसे चर्चित मुकाबला दक्षिण मुंबई का मना जा रहा था। इन सीटों पर अरुण गवली की दोनों बेटियां चुनावी मैदान में थीं और दोनों ही हार गयीं। इसके अलावा AIMIM ने कुछ मुस्लिम बहुल वार्डों (जैसे 145) में जीत दर्ज की। कांग्रेस और NCP का प्रदर्शन कमजोर रहा। शिव सेना ही नहीं कांग्रेस और एनसीपी का प्रदर्शन भी उनकी प्रतिष्ठा के अनुकूल नहीं रहा। सीएम देवेन्द्र फडनवीस ने इस जीत को पीएम मोदी की व्यक्तित्व व नीतियों की जीत बताया है।
यह