मणिकर्णिका घाट मामले में तय था प्रदर्शन, पुलिस ने किया कई नेताओं को हाउस अरेस्ट, ज्ञापन को एसीएम सिविल सिविल लाइन पहुंचे कैंप कार्यालय
मेरठ। प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने कांग्रेस के कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया। दरअसल में ये बनारस के मणिकर्णिका घाट पर तोड़े गई मंदिरों पर प्राचीन देव प्रतिमाओं के अनादर के विरोध में प्रदर्शन पर उतारू थे। ज़िला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव भाटी के नेतृत्व मे ज़िला कांग्रेस कमेटी द्वारा उत्तर वाराणसी के ऐतिहासिक एवं पवित्र मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण के विरोध में सरधना व मवाना तहसील में ज्ञापन देने का प्रोग्राम तय था लेकिन इस तानाशाही सरकार ने रात से ही ज़िला अध्यक्ष गौरव भाटी,मवाना ब्लॉक अध्यक्ष मूलचंद भाटी व सरधना तहसील पर ज़िला महासचिव जितेंद्र पांचाल को रात से ही हाउस अरेस्ट कर लिया लेकिन कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के न मानने के बाद ACM सिविल लाइन प्रभाकर तिवारी जी ने कैंप कार्यालय पहुंच कर ज्ञापन स्वीकार किया गया।
यह बोले गौरव भाटी
ज़िला अध्यक्ष गौरव भाटी ने कहा कि 10 जनवरी 2026 को जो अचानक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी की मूर्ति को ध्वस्त किया गया है उसे गंगा किनारे घाट पर पुनःसम्मानपूर्वक स्थापित करा जाए कांग्रेस के कार्यकर्ता एवं हिंदू धर्म के अनुयायी, अत्यंत दुख एवं आहत भावनाओं के साथ यह कहना है कि वाराणसी (काशी) का मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म में मोक्ष प्राप्ति का सर्वोच्च तीर्थ स्थल है। यह घाट सदियों पुरानी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक है। विशेष रूप से, लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर जी ने 18वीं शताब्दी (लगभग 1791 ई.) में इस घाट का जीर्णोद्धार एवं सुशोभन करवाया था। उन्होंने स्वयं यहां अपनी प्रतिमा स्थापित कर गंगा माता की आराधना की परंपरा स्थापित की थी, जो आज भी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है। दुखद रूप से, 10 जनवरी 2026 को बिना किसी पूर्व सूचना, परामर्श या उचित कारण बताए, सरकारी अधिकारियों के निर्देश पर इस पवित्र घाट के महत्वपूर्ण हिस्से को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी की ऐतिहासिक प्रतिमा/संरचना को भी क्षति पहुंची है, जिससे संपूर्ण हिंदू समाज, पाल समाज, होल्कर परिवार के वंशजों एवं श्रद्धालुओं की भावनाएं गहरी रूप से आहत हुई हैं। यह कार्य विकास के नाम पर सदियों पुरानी धार्मिक विरासत, आस्था एवं लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी के अमर योगदान का अपमान है। मणिकर्णिका घाट का महत्व केवल भौतिक संरचना तक सीमित नहीं है; यह भगवान शिव की काशी, गंगा माता की गोद एवं मोक्ष की अंतिम सीढ़ी है।
ये हैं कांग्रेस की मांगें
मणिकर्णिका घाट पर की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तत्काल जांच कराई जाए एवं दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी की प्रतिमा/संरचना को गंगा किनारे मणिकर्णिका घाट पर ही पुनः सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाए, ताकि उनकी स्मृति एवं योगदान का उचित सम्मान बना रहे। घाट के पुनर्विकास/सौंदर्यीकरण कार्य को धार्मिक नेताओं, इतिहासकारों, स्थानीय श्रद्धालुओं एवं होल्कर परिवार के परामर्श से ही आगे बढ़ाया जाए, ताकि आस्था एवं विरासत दोनों सुरक्षित रहें। भविष्य में ऐसी कोई भी कार्रवाई बिना पूर्व सूचना एवं सहमति के न की जाए ।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर वसी अहमद रिज़वी, उदयवीर त्यागी, योगी जाटव, राकेश कुशवाह, सुनीता मंडल, अरुण कौशिक, एस के शाहरुख, नासिर त्यागी, जाहिद वाहिद, मुकेश गुप्ता, राकेश शर्मा, विजय त्यागी, फैसल मंसूरी, रमेश यादव, मतलूब बहरोड़ा, मास्टर आसिफ, सुरेंद्र यादव, उवैस अंसारी आदि लोग मौजूद रहे।