सीएम ग्रिड में केवल कार्यदायी संस्था, नगर निगम अफसरों के हाथों में कुछ नहीं, ना डिजाइन बदल सकते हैं ना कार्य, सब कुछ लखनऊ फाइनल
मेरठ। सीएम ग्रिड योजना के तहत जो भी काम महानगर में कराए जा रहे हैं उसमें नगर निगम अफसर रत्तीभर भी कोई रद्दोबदल नहीं कर सकते हैं। ना ही उनके पास ऐसा करने की पावर है। सीएम ग्रिड योजना के तहत तमाम पावर यूपीडा के हाथों मेंं केंद्रीत है। नगर निगम मात्र कार्यदायी संस्था है, इससे अधिक कुछ भी नहीं। सीएम ग्रिड योजना के तहत नगर निगम प्रशासन के अफसर जो कार्य कराए जा रहे हैं उसमें रद्दोबदल नहीं कर सकता।
लखनऊ से ही देखरेख और डिजाइन
महानगर में जो कुछ काम सीएम ग्रिड योजना के तहत कराया जा रहा है उसकी देखरेख लखनऊ से की जा रही है तथा इस योजना में कहां पर क्या कार्य कराया जाना है उसका डिजाइन भी लखनऊ में बैठे अफसरों ने फाइनल किया है। इसके तहत कराए जा रहे कामों की निगरानी यूपीडा कर रहा है और नगर निगम मेरठ केवल कार्यदायी संस्था भर है। निगम अफसर ही नहीं इस योजना में कराए जा रहे कामों में मंडलायुक्त या जिलाधिकारी के स्तर से भी कोई बदलाव संभव नहीं है। जो कुछ किया जाना है वो लखनऊ से ही किया जाना है।
विरोध के बाद भी नहीं बदला कुछ
सीएम ग्रिड योजना के तहत महानगर में जो कार्य कराए जा रहे हैं उनमें से कुछ कामों को लेकर बड़े स्तर पर विरोध किया जा रहा है। विराेध सीएम ग्रिड योजना का नहीं बल्कि उसके तहत जो कार्य कराए जा रहे हैं उनमें से कुछ काम ऐसे हैं जो तकनीकि नजरिये से महानगर की सेहन तक लिए ठीक नहीं माने जा सकते हैं। मसलन महानगर में इस योजना के तहत जो नाले नालियं बनायी जा रही हैं, उनमें से बड़ी संख्या में ऐसे नाले नालियां हैं जो अवैध कब्जे व निर्माण हटाने के बजाए नाले नालियां ही तिरछी कर दी गयी हैं। कुछ नाले नालियां तो एल शेप में तिरछी की गयी हैं। ऐसा नहीं कि इनको सीधा नहीं बनाया जा सकता था। ये सीधी भी बनायी जा सकती थीं, लेकिन उसके जरूरी था कि उक्त स्थान पर किए गए अवैध कब्जों को हटाना पड़ता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बजाए कब्जे व अवैध निर्माण हटाने के उक्त नाले नालियों को ही तिरछा कर दिया गया। कई मामलों की शिकायत भाजपा नेताओं के स्तर से भी की गयी और यह शिकायत सीधे मंडलायुक्त से की गई लेकिन उसके बाद भी कार्य योजना में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया जो नक्शा और डिजाइन लखनऊ से बनकर आया उसी के अनुसार कार्य कराया जा रहा है।
यूपीडा अफसरों ने जतायी नाराजगी
सीएम ग्रिड के तहत महानगर में कराए जा रहे कार्यों की निगरानी यूपीडा के अफसर कर रहे हैं। निगरानी में लगे अफसर कई बार लखनऊ से मेरठ आते हैं। पिछले करीब दस दिन पहले लखनऊ से आयी टीम ने शिव चौक से बच्चापार्क की ओर कराए जा रहे कार्य के डिवाइडर को लेकर नाराजगी जतायी। नगर निगम में भाजपा पार्षद अजय चंद्रा ने बताया कि यूपीडा के अफसरों की यह नाराजगी शिव चौक से बच्चापार्क की ओर बनाए गए डिवाइडर के डिजाइन को लेकर थी, जो पास किए गए प्रोजेक्ट के अनुसार नहीं बनाया गया था। अब वह नए सिरे से पास किए गए डिजाइन के अनुसार ही बनाया जाएगा।
वर्जन
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि सीएम ग्रिड के तहत कराए जा रहे कार्यों की निगरानी लखनऊ से की जा रही है। इस कार्य में नगर निगम केवल कार्यदायी संस्था है। लखनऊ ने जो डिजाइन व प्रोजेक्ट पास किया है। उसी के अनुसार कार्य निगम प्रशासन करा रहा है।