हिम्मत नहीं जुटा पर रहे ट्रंप

kabir Sharma
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अमेरिकी हमले का मुंह तोड़ जवाब देने को ईरान तैयार, यूएई ने अमेरिका को दी अपने एयर एरिया यूज करने की इजाजत, ईरान अमेरिकी जंग से इजरायल डरा

नई दिल्ली/तेहरान/न्यूयार्क। ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान के खिलाफ “आर्मडा” भेजने के बाद भी ट्रंप अभी ईरान पर हमले की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इस बीच यूएई ने अमेरिका को अपने हवाई एरिया यूज करने की अनुमति दे दी है। इससे पहले यूएई ने मना कर दिया था। दरअसल ईरान पर हमला करना ट्रंप को काफी महंगा सौदा नजर आ रहा है।

UAE ने बदला पाला

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की अटकलों ने जोर पकड़ा है, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप हिम्मत नहीं दिखा पा रहे हैं। आज यूएई भी अमेरिका के पाले में आ खड़ा हुआ है। इससे पहले यूएई के विदेश मंत्रालय ने 26 जनवरी को एक बयान में कहा, “संयुक्त अरब अमीरात अपनी तटस्थता और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्ध है। हम अपने हवाई क्षेत्र, भूमि या जल को ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए इस्तेमाल नहीं होने देंगे।” हालांकि अभी सऊदी अरब अमेरिका को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल ना करने देने के स्टेंड पर कायम है।

जंग अमेरिका के लिए जोखिम भरा

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के खिलाफ ट्रम्प की विकल्पों को सीमित कर रहे हैं। बिना स्थानीय बेस के, अमेरिका को दूर से हमला करना पड़ सकता है, जो जोखिम भरा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी अमेरिकी हमले का जवाब कई मोर्चों पर दिया जाएगा, जिसमें उसके प्रॉक्सी ग्रुप्स (जैसे हूती और हिजबुल्लाह) शामिल हैं। द कन्वर्सेशन में प्रकाशित एक विश्लेषण में कहा गया है कि ईरान की असिमेट्रिक क्षमताएं (बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन और साइबर हमले) अमेरिका को बड़े युद्ध में फंसा सकती हैं, जो इराक और अफगानिस्तान जैसी गलतियों की याद दिलाती हैं।

जंग के लिए आर्मी व बेस की कमी

ईरान के खिलाफ जंग के लिए अमेरिका के पास मध्य पूर्व में अमेरिका के पास फिलहाल कोई एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है। यूएसएस अब्राहम लिंकन की तैनाती हुई है, लेकिन पूर्ण हमले के लिए और अधिक संसाधनों की जरूरत है। वाशिंगटन इंस्टीट्यूट के एक विश्लेषण में कहा गया है कि अमेरिका के पास ईरान में सैन्य विकल्प हैं, लेकिन वे अंतिम लक्ष्य के बिना बेकार हैं। “यह सिर्फ हमला करने की बात नहीं, बल्कि उसके बाद क्या होगा, उसकी योजना की जरूरत है।

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ईरान काफी मजबूत

ईरान ने भी अपनी स्थिति मजबूत की है, और उसके विदेश मंत्री ने कहा है कि किसी भी हमले का “क्रशिंग रिस्पॉन्स” दिया जाएगा। इस बीच, अमेरिका ने अपनी सेनाओं को क्षेत्र में तैनात किया है, लेकिन अभी तक कोई प्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं की। यह स्थिति मध्य पूर्व की जटिल भू-राजनीति को दर्शाती है, जहां कोई भी कदम बड़े पैमाने पर संघर्ष को जन्म दे सकता है। आने वाले दिनों में ट्रम्प प्रशासन की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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