कहीं नालियां तिरछी तो कहीं, कहीं कर दी सड़की चौड़ाई कम, अवैध कब्जे ना हटाकर कराया जा रहा है योजना का काम, अधिकारी बोल ऑल इज वैल
मेरठ। सीएम ग्रिड योजना के तहत महानगर में चल रहे कामों में भारी खामियों के चलते तमाम सवाल उठ रहे हैं। ताजा मामला वेस्टर्न कचहरी रोड शिव चौक का है। आसपास के लोगों ने बताया कि आरजी के सामने सड़क को काफी छोटा कर दिया गया है। दरअसल इस रोड के काम के चलते पिछले करीब 140 दिन से काम बंद था। यह क्यों किया गया और किसकी अनुमति से किया गया, यह तो कहना जल्दबाजी होगा। यह भी बताया गया है कि यहां अवैध कब्जे हटाने के लिए डिमार्केशन भी किय गया था, जहां डिमार्केशन किया गया था वहां से अवैध कब्जे हटाए जाने थे, लेकिन जो दावे किए थे वैसा कुछ नहीं हुआ और अब जब काम शुरू किया गया तो रोड को छोटा कर दिय गया। पहले भी सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने घटिया सामग्री, अनियमितताओं और देरी के आरोप लगाए थे। कुछ रिपोर्टों में नालों में काला मलबा भरने और समयसीमा से काम न पूरा होने की बात सामने आई है। आरजी डिग्री कॉलेज क्षेत्र में सड़क छोटी करने और तिरछी बनाने से छात्रों, शिक्षकों और आसपास के निवासियों को परेशानी हो रही है।
कार्यों में गंभीर खामिया
सीएम ग्रिड योजना के तहत पूरे महानगर में जहां जहां भी काम चल रहे हैं उनमें गंभीर खामियों की बात कही जा रही है। सबसे ज्यादा शिकायत नाले नालियों के निर्माण के दौरान अवैध कब्जों को ना हटाया जाना है। गढ़ रोड जैसे इलाके में तो सड़क को गली से चार फुट ऊंचा कर दिया गया। बारिश के दौरान ऐसे मकानों का क्य हाल होगा, यह अच्दी तरह से समझा जा सकता है। जिनके मकान नीचे कर दिए गए, उन्होंने इसको लेकर हंगामा भी किया था। मौके पर महापौर पहुंचे थे, लेकिन किसी राहत जैसी कोई बात नहीं है। हालांकि सबसे ज्यादा शिकायतें नाले नालियों के निर्माणों के मामले में मिली हैं। जिनमें से ज्यादातर एल शेप में कर दी गयी हैं। जो पानी के बहाव और ड्रेनेज सिस्टम को प्रभावित कर सकता है।
समस्या कम होंगी या बढ़ेंंगी
यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसके तहत मेरठ शहर में कुल 12 प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण, स्मार्ट बनाना, अंडरग्राउंड यूटिलिटी (बिजली, ऑप्टिकल फाइबर आदि), आरसीसी नाले, फुटपाथ और एलईडी लाइटिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। योजना का उद्देश्य शहर की सड़कों को आधुनिक और टिकाऊ बनाना है, ताकि ट्रैफिक जाम कम हो और भविष्य में बार-बार खुदाई न करनी पड़े। हाल के महीनों में कई सड़कों पर काम शुरू हुआ है, जैसे गढ़ रोड, शारदा रोड आदि, और कुछ पर कार्य प्रगति पर है, काम तो हो रहा है लेकिन लोग सवाल भी उठा रहे हैं कि इस काम से महानगर में समस्याएं खड़ी होंगी या खत्म होंगी। फिलहाल तो समस्याओं के बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है। इसके अलावा लोग मांग कर रहे हैं कि नगर निगम और संबंधित विभाग तुरंत जांच करें, खामियों को सुधारें और निर्माण को मानकों के अनुसार पूरा करें। यदि ये खामियां नहीं सुधारी गईं तो योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है और जनता का विश्वास टूट सकता है।
नगर निगम और सीएम ग्रिड योजना के अधिकारियों से इस मामले पर स्पष्टीकरण की उम्मीद है। क्या यह निर्माण में लापरवाही है या डिजाइन की गलती? जांच जरूरी है ताकि मेरठ का विकास सही दिशा में हो। वहीं दूसरी ओर निगम के अफसरों से जब इस संबंध में बात की तो उनका कहना था कि सीएम ग्रिड योजना में किसी प्रकार की खामी नहीं है।
यह कहना है इनका
महापौर हरिकांत अहलूवालिया का कहना है कि सीएम ग्रिड योजना में किसी प्रकार की खामी नहीं है। आरजी डिग्री कालेज वाले वार्ड के पार्षद अजय चंद्रा का कहना है कि लोगों को योजना की समुचित जानकारी नहीं है। इसमें कोई खामी नहीं है। अपर नगरायुक्त पंकज कुमार सिंह बताते हैं कि नगर निगम कार्यदायी संस्था है। पूरा कार्य तय शुदा डिजाइन के अनुसार कराया जा रहा है।