हिन्दू संगठन कर रहे हैं विराेध, सगा चाचा भी उतरा विरोध पर, विरोध करने वाले क्यों नहीं करा देते किसी काबिल हिन्दू युवक से शादी
मेरठ। हिन्दू लड़की के पिता का देहात हो चुका है, सगा चाचा व दूसरे रिश्तेदार होते हुए भी उन्होंने इस लड़की की शादी की चिंता नहीं की। रिश्तेदार होने का फर्ज तक नहीं निभाया। मुस्लिम लड़के ने उसके साथ पूरे हिन्दू रीति रिवाज के साथ शादी का फैसला किया। कोई चोरी छिपे नहीं बल्कि सरेआम बाकायदा कार्ड छपवा कर तो रिश्तेदारों को हिन्दू धर्म याद आ गया, जब लड़की घर में अनव्याही बैठी थी तब उन्हें ना तो हिन्दू धर्म याद आया और ना उन्हें इस बात का ख्याल आया कि लड़की के पिता का देहात हो चुका है वो अपने खर्च पर उसके लिए कोई लड़का देखकर शादी करा दें, बजाए सगी भतीजी की शादी कराने के वो इस शादी के खिलाफ हो गए हैं।
विरोध के बजाए कराएं शादी
इतना ही नहीं मुस्लिम युवक की शादी का हिंदू संगठनों ने विरोध किया है। संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए शादी रुकवाने की मांग की है। यह शादी 13 फरवरी को होनी तय है, यदि इस लड़की की ये हिन्दू संगठन किसी काबिल युवक से शादी कराए तो बात समझ में आती है, लेकिन शादी का विरोध करने वाले यह बताएं कि क्यो वो इस लड़की की किसी कमाऊ लड़के से शादी करा सकते हैं। यदि हां तो उनके विरोध की बात समझ में आती है।
मुकदमा दर्ज कराने की बात
हिन्दू संगठनों का कहना है कि लड़की के शादी के कार्ड पर लड़के का नाम साहिल छपा है, जबकि लड़के ने अपना नाम सावेज राना बताया है। संगठन का आरोप है कि युवती को ‘लव जिहाद’ में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे 13 फरवरी को होने वाली शादी को किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। युवती के सगे चाचा ने भी प्रशासन को शादी रोकने के लिए एक आवेदन दिया है। हिंदू संगठन इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी में भी हैं। लेकिन ना तो चाचा और ना ही हिन्दू संगठन ये बताने को तैयार हैं कि यदि लड़की मुस्लिम युवक से शादी नहीं करती है तो क्या वह उसकी शादी किसी काबिल लड़के से कराएंगे यदि हों तो जिस जगह हिन्दू लड़की और मुस्लिम लड़के की शादी होनी है, क्यों नहीं उसी स्थान पर दोनों की शादी करा देते लेकिन शर्त है की जिस लड़के से शादी कराएंगे वो लड़का इतना कमाता हो कि लड़की काे खुश रख सके।
ऐसा नहीं कर सकते
ऐसा नहीं करा सकने वाले हिन्दू संगठनों को तर्क है कि युवती का ‘माइंड वॉश’ किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘लव जिहाद’ के मामलों में कई लड़कियों को बाद में पछताना पड़ता है। आदित्यनाथ से ‘लव जिहाद’ के मामलों की जांच कराने और ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।युवती के चाचा ने बताया कि लड़की के पिता का देहांत हो चुका है और उसका कोई भाई भी नहीं है। उन्होंने अपनी भतीजी की शादी एक ‘विधर्मी’ से होने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि परिवार इस शादी को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगा, लेकिन चाचा यह नहीं कह रहा है कि वह अपने बूते इस लड़की की शादी करा देंगा।