सीएम योगी से तब भी था मिलवाया

kabir Sharma
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सेंट्रल मार्केट में सुंदरकांड का पाठ, 15 तक बुलडोजर की जानी हैं 31 दुकानें, आवास विकास अधिकारी लगे तैयारियों में

मेरठ। सीएम योगी से मुलाकात का भरोसा देकर सेंट्रल मार्केट की दुकानों को खुलवा दिया गया है। लेकिन सेंट्रल मार्केट की जब 661/6 को बुलडोज की बात चल रही थी तब भी राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने व्यापारियों की सीएम योगी से मुलाकात करायी थी, लेकिन वो मुलाकात आवास विकास परिषद के ना तो बुलडोजरों और ना ही उस कांप्लैक्स को बुलडोज होने से रोक सकी। नाम ना छापे जाने की शर्त पर सेंट्रल मार्केट के कई व्यापारियों ने बताया कि वह सब समझ रहे हैं। और हो यह रहा है कि भाजपा के बड़े नेताओं को सीएम योगी के 22 फरवरी के प्रोग्राम की चिंता है। वो नहीं चाहते कि मीडिया में आए कि मेरठ की दुकानें बंद हैं, इससे कई का यूपी विधानसभा चुनाव में टिकट कट सकता है। इसलिए सारा जोर 22 का कार्यक्रम किसी प्रकार बगैर किसी विध्न बाधा के कट जाए इस पर ही फोकस है। सेंट्रल मार्केट का मुद्दा सुर्खियां ना बनें। यह बात व्यापारी खूब समझ रहे हैं। शायद इसी के चलते अब नेताओं से उनका भरोसा उठ गया है और भगवान की शरण में पहुंच गए हैं। इसी के चलते मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ रखा गया है।

लखनऊ पहुंचे पांच व्यापारी

इस बीच जानकारी मिली है कि सेंट्रल मार्केट के पांच व्यापारी आज सुबह लखनऊ के लिए रवाना हुए हैं। बताया गया है कि उनकी मुलाकात सीएम योगी से करायी जाएगी। ऐसा दूसरी बार हो रहा है। इससे पहले जब 661/6 का मामला पीक पर था तब भी उन व्यापारियों को सीएम योगी से मिलवाया गया था, लेकिन आवास विकास परिषद ने उसके बाद भी पूरा कांप्लैक्स जिसमें बाइस दुकानें थी बुलडोज कर दिया।

31 दुकानों पर 15 मार्च लास्ट

आवास विकास की कार्रवाई के दायरे में सबसे पहले 31 दुकानें हैं जिनको जमीदोंज किया जाना है। जिस छह सप्ताह के समय की बात कही जा रही है, वह समय इन 31 दुकानों के ही संदर्भ में है। इनकी मियाद 15 मार्च तक है। उससे पहले इन्हें बुलडोज किया जाना है। कार्रवाई के आवास विकास के अधिकारियों को बाकायदा साक्ष्य सुपीमकोर्ट में पेश करने हैं। इसके बाद जिन दुकानों को ध्वस्त किया जाना है उनकी संख्या करीब सात सौ बतायी जा रही है। हालांकि ऑन पेपर ये संख्या ज्यादा है। लेकिन बताया गया है कि कुछ व्यापारी ऐसे हैं जिन्होंने कारोबार बंद कर दिया है। इसलिए संभवत उन पर कार्रवाई ना की जाए।

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