तड़के करीब डेढ बजे ली अंतिम सांस, परिजनों ने दी निधन की सूचना, बड़ी संख्या में जुटे लोग, सीएम ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली/कलकत्ता। पश्चिम बंगला की राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले राज्यसभा के पूर्व सदस्य व टीएमसी नेता व पूर्व रेल मंत्री मुकुल राॅय का निधन हो गया है। पश्चिम बंगला में मुकुल राॅय की गिनती राज्य के कदावर नेताओं में की जाती थी। उनका यूं चले जाना तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। खासतौर से पश्चिम बंगल विधानसभा जब सिर पर हो, उस वक्त मुकुल रॉय जैसे नेता का साया यूं उठ जाना बड़ा नुकसान है। टीएमसी के तमाम नेता कह रहे हैं कि मुकुल राॅय यूं चले जाना पार्टी के लिए बड़ा नुकसान है। राज्य की मुख्यमंत्री ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
अरसे से चल रहे थे बीमार
71 साल के मुकुल रॉय अरसे से बीमार चल रहे थे और लंबे समय से कई बीमारियों से जूझ रहे थे। मुकुल रॉय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों में से एक थे। आज तड़के करीब डेढ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पुत्र शुभ्रांशु राय ने यह दुखद खबर पार्टी तथा पारिवारिक मित्रों को दी। उनके निधन की सूचना मिलते ही पार्टी के तमाम नेता उनके आवास पर पहुंचने शुरू हो गए। ममता बनर्जी तथा अभिषेक बनर्जी भी वहां पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपना सबसे विश्वास पात्र नेता खो दिया है। यह उनके लिए अपार क्षेति है।
राजनीति सफर की शुरूआत कांग्रेस से
मुकुल राॅय ने अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत कांग्रेस से की। वह पश्चिम बंगाल कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार किए जाते थे, लेकिन ममता बनर्जी के कांग्रेस से अलग होने के बाद वह टीएमसी में शामिल हो गए और पार्टी के महासचिव बनाए गए। साल 2006 में वह राज्यसभा के लिए चुने गए। और जब टीएमसी सत्ता में आयी तो वह सरकार में कदावर नेताओं में शुमार किए जाते थे। उनके निधन पर कांग्रेस समेत राज्य के दूसरे दलों के नेताओं ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है।