ओमान करा रहा है वार्ता, दोनों देशों के मंत्री हैं शामिल, अमेरिका ने इजरायल से निकाले अपने आदमी, ईरान भी हमले परअमादा
नई दिल्ली/तेहरान/न्यूयार्क। ईरान और अमेरिका के बीच ओमान की मध्यस्थता में हुई वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गयी, हालांकि दोनों पक्षों के रवैये में कुछ नरमी आयी है और वार्ता के अगले दौर में कोई रास्ता निकलने की उम्मीद है। अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप वार्ता के अब तक के स्टेटस से खुश हैं। वहीं दूसरी ओर स्थिति तेजी से बदल सकती है – डिप्लोमेसी अभी चल रही है, लेकिन मिलिट्री ऑप्शंस टेबल पर हैं। अगर वॉर हुआ तो रीजनल एस्केलेशन (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद, ऑयल प्राइसेज स्पाइक) का खतरा पैदा हो जाएगा।
ओमान को शांति की उम्मीद
ईरान और अमेरिका के बीच मुख्य वार्ताकार ओमान के विदेश मंत्री Badr al Busaidi ने कहा: “शांति हाथ में है” (peace within reach)। ईरान ने सहमति जताई है कि वह एनरिच्ड यूरेनियम का कोई स्टॉकपाइल नहीं रखेगा। मौजूदा स्टॉक को डाइल्यूट (प्राकृतिक स्तर पर लौटाया) किया जा सकता है, IAEA और US इंस्पेक्टर्स की निगरानी में। उन्होंने कहा कि कुछ महीनों में सभी मुद्दे “अमिकेबली” सॉल्व हो सकते हैं, बस डिप्लोमेसी को स्पेस दो।
ईरानी की अमेरिका को दो टूक
ईरान का कहना है कि अमेरिका दादागिरी से बाज जाए और दूसरे देशाें का सम्मान करना सीखे। उसको प्रेशर की राजनीति छोड़ी होगी। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका को अपनी “अत्यधिक मांगें” (excessive demands) छोड़नी होंगी। ईरान फोर्डो, नतांज, इस्फहान जैसी सुविधाओं को नष्ट करने, सारे हाई-एनरिच्ड यूरेनियम US को देने या परमानेंट डील (बिना सनसेट क्लॉज) से इनकार कर रहा है। ईरान का प्रस्ताव: एनरिचमेंट 1.5% तक कम करना, कुछ साल पॉज, रीजनल कंसोर्टियम में प्रोसेसिंग। पूर्ण सैंक्शंस हटाना “की” डिमांड की है। उन्होंने कहा कि ईरानी हित सर्वोपरी हैं।
ट्रंप का अडियल रवैया
ओमान की मध्यस्थता में हो रही वार्ता के दौरान अब अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप अडियल रवैया अपनाए हैं। उन्होंने कहा है कि “मैं बातचीत से खुश नहीं हूं” (not happy), लेकिन फाइनल डिसीजन नहीं लिया। उन्होंने “बैड थिंग्स” की चेतावनी दोहराई अगर डील नहीं हुई। VP JD Vance और Secy Marco Rubio ने कहा कि ईरान न्यूक्लियर वेपन प्रोग्राम रिबिल्ड कर रहा है। हालांकि ट्रंप प्रशासन “जीरो एनरिचमेंट” पर अड़ा है लेकिन मेडिकल यूज के लिए टोकन एनरिचमेंट पर विचार संभव की बात कही है।
सेना का मूवमेंट जारी
वार्ता के बीच सेना का मूवमेंट जारी है। अमेरिका भी समझ रहा है कि यदि युद्ध हुआ तो उसके लोगों को निशाना बनाया जाएगा। इसलिए इजराइल से नॉन-एसेंशियल स्टाफ को निकालने की अनुमति दी। UK, चीन, यूरोपीय देशों ने भी ईरान/मिडिल ईस्ट से नागरिकों को निकलने की सलाह दी। ईरान ने जवाबी हमलों की धमकी दी है।