लड़ाई को जल्दी खत्म करने का प्लान, ईरान की मिसाइलों की मार से बेहाल है इजरायल व गल्फ के मित्र देश, ईरान के स्पेस पर कब्जा चाहता है ट्रंप
नई दिल्ली/न्यूयार्क/तेलअबीब/तेहरान। अमेरिकी प्रेसीडेंट इस बात से खासे परेशान है कि ईरान से लड़ाई “प्लान के मुताबिक नहीं हो रही है”। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है और इससे वो बहुत परेशान भी हैं। दरअसल ट्रंप की मुसीबत अमेरिकी संसद यानि कांग्रेस के सदस्यों खासतौर से डेमोक्रेट्स की नाराजगी है। जो नहीं चाहते कि यह लड़ाई लंबी चले। हालांकि अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान के एयर स्पेस पर कब्जा चाहता है, लेकिन ईरानी मिसाइलें ऐसा होने नहीं दे रही हैं। इसके अलावा ईरानी मिसाइलों की मार ने इजराइल का बुरा हाल कर दिया है। सबसे ज्यादा नुकसान तेलअबीब और यरूस्लम में हुआ है। जो अभी भी जारी है।
ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचाने का दावा
अमेरिका ने ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने पेंटागन ब्रीफिंग में कहा: “हम ईरान के आसमान पर पूरी तरह कंट्रोल हासिल कर रहे हैं—अनकंटेस्टेड एयरस्पेस, दिन-रात हमारी एयर पावर से हम उनके लीडर्स, मिसाइल्स और मिलिट्री को ढूंढ-फिक्स-फिनिश कर रहे हैं। ईरान के लोग सिर्फ यूएस और इज़राइली प्लेन्स देखेंगे।” लेकिन जिस तरह से ईरानी सेना नयी-नयी मिसाइलें निकाल रहा है, उससे लगता नहीं की अमेरिकियों की मंसूबे जल्द पूरे होंगे।
अमेरीकी सांसद कर रहे ट्रंप की आलोचना
लड़ाई को लेकर अमेरीकी सांसद प्रेसीडेंट ट्रंप की कडी आलोचना कर रहे हैं। उनके निर्णयों को पागलपन करार दिया जा रहा है। उनका कहना है कि अमेरिकी नागरिक 14+ देशों में फंसे हैं। अमेरिकी सैनिक मारे गए। कांग्रेस में क्लासिफाइड ब्रीफिंग्स—कई सीनेटर्स “बूट्स ऑन ग्राउंड” (ग्राउंड ट्रूप्स) से डर रहे हैं। ट्रंप ने जर्मन चांसलर से मीटिंग की, ईरान रिजीम चेंज पर बात की (लेकिन कहा “ज्यादातर लोग मर चुके हैं”)। कुछ कंजर्वेटिव मीडिया में भी ट्रंप की क्रिटिसिज्म शुरू।