पेंटागन ने किया ट्रंप को आगाह

kabir Sharma
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ज्यादा दिन लड़ाई की स्थिति में नहीं, दस दिन चली लड़ाई तो गोला बारूद की होगी भारी कमी, हर माह ईरान बना रहा सौ मिसाइलें और यूएस केवल 7

नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। अमेरिका अपने दोस्त इजरायल के लिए ईरान से ज्यादा दिन तक जंग नहीं लड़ पाएगा। ट्रंप को ईरान के सामने सरेंडर करना पड़ सकता है। या फिर अमेरिका में ट्रंप विरोधी प्रदर्शन शुरू हो जाएंगे। दरअसल अमेरिकी फौजी मुख्यालय पेंटागन ने ट्रंप को आगह किया है कि यदि और दस दिन ईरान से लड़ाई चली तो गोला बारूद का भंडार खत्म हो जाएगा। इसको लेकर पेंटागन ने प्रेसीडेंट ऑफिस को तमाम आंकड़े मुहैय्या कराए हैं। यह खबर ट्रंप से ज्यादा इजरायल के लिए बुरी हो सकती है। केवल इजरायल ही नहीं बल्कि गल्फ में अमेरिका के तमाम मित्र देश इस खबर के सामने आने से बुरी तरह सचे डरे हुए हैं। यूएस के जंगी ताकत को लेकर यह खुलासया अज जजीरा ने किया है। अल जजीरा दुनिया का सबसे बड़े मीडिया ऐजेंसियों में शुमार किया जाता है।

यह कहा है पेटागन ने

अज जजीरा की रिपोर्ट में कहा गया है कि पेंटागन ने ट्रंप को बताया है कि अगर अमेरिका अगले 10 दिन तक ईरान पर इसी तरह तेजी से हमला करना जारी रखता है तो उसकी अहम मिसाइलों का भंडार कम हो सकता है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आगाह किया कि यदि ईरान के साथ युद्ध लंबा चलता है तो गोला-बारूद की कमी हो जाएगी। हालांकि ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर दावा किया कि अमेरिका के पास मध्यम और उच्च श्रेणी के हथियारों का भंडार लगभग असीमित है और इनसे युद्ध लंबे समय तक लड़ा जा सकता है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान हर महीने 100 से ज्यादा मिसाइलें बना रहा है, जबकि अमेरिका केवल 6-7 इंटरसेप्टर तैयार कर पा रहा है।

रिपोर्ट में ट्रंप को चेतावनी

जो रिपोर्ट अल जजीरा के हाथ लगी है उसमें कहा गया है कि  सबसे ज्यादा प्रेशर इंटरसेप्टर मिसाइलों पर पड़ेगा। पिछले साल ईरान के साथ टकराव में अमेरिका ने अपनी थाड इंटरसेप्टर मिसाइलों का 25% इस्तेमाल कर लिया था। इसके अलावा ज्वाइंट डायरेक्ट अटैक म्यूनिशन (JDAM) जैसे जीपीएस-गाइडेड ‘स्मार्ट बम’ भी तेजी से खर्च हो रहे हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि स्टैंडर्ड मिसाइल-3 (SM-3) जैसे उन्नत एंटी-बैलिस्टिक इंटरसेप्टर का स्टॉक भी सीमित है।

कुर्दों के सहारे अमेरिका

ईरान से निपटना ट्रंप से बूते की बाहर की बात है। इसी के चलते अब ट्रंप ने कुर्दो को आगे किया है। ईरान व इराक की सीमा पर बड़ी संख्या में कुर्द जमा हैं जो कभी भी सीमा पर कर ईरान में दाखिल हो सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो यह ईरान के लिए नयी मुसीबत साबित होगी। उत्तरी ईराक की कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी (Kurdistan Freedom Party) के अधिकारी खलील नादिरी ने इस मामले में बयान देते हुए सीमा पर उनके लड़ाको के होने की बात की पुष्टि की है। नादिरी ने बताया कि उनके कुछ लड़ाके ईरान की सीमा के पास पहुंच गए है और कुछ अमेरिकी नेताओं से इसे लेकर चर्चा की गई है। अमेरिकी कुर्दों की मदद को तैयार हैं।

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