
यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के आह्वान पर पहुंचेंगे रामलीला मैदान, यूजीसी के विरोध में हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा, 8 मार्च को रामलीला मैदान में गरजेंगे
मेरठ। यूजीसी के विरोध में यति नरसिम्हानंद गिरी महाराज के आह्वान पर हरिद्वार से दिल्ली के रामलीला मैदान तक पद यात्रा निकाली जा रही है। संतों की यह 8 मार्च को पद यात्रा दिल्ली के रामलीला मैदान पर जाकर संपन्न होगी। वहां पर एक बड़ी सभा की जाएगी। पदयात्रा में शामिल सचिन सिरोही ने बताया कि रामलीला मैदान में देश भर से संत महात्मा पहुंच रहे हैं। गुरूवार को पद यात्रा ने मेरठ में प्रवेश किया। बेगमपुल पर स्वागत के बाद सीधे केसरगंज पहुंचे वहां भी स्वागत किया गया। यहां से पद यात्रा में शामिल सभी लोग मोदीनगर के लिए रवाना हो गए। वहां पर रात्रि विश्राम के बाद आगे रवाना होंगे। यात्रा में शामिल महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरीने कहा कि मोदी ने केंद्र सरकार के द्वारा भारत में यूजीसी लागू कर भारत के सभी सनातनी हिंदुओं को महाविनाश की ज्वाला में धकेलने का काम किया है।
दहिया की शिव मंदिर के महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी व उनके गुरु भाई यति परमात्मानंद गिरी, यति सत्यमित्रानंद गिरी व शिष्यों के साथ यूजीसी के विरोध में पद यात्रा में शामिल हैं। इन्होंने सर्वानंद घाट हरिद्वार पद यात्रा शुरू की और ये सभी दिल्ली रामलीला मैदान पहुंचेंगे। अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा कि केंद्र सरकार तत्काल यूजीसी काला कानून को वापस नहीं लिया तो यह आंदोलन नरसंहार को जन्म दे सकता है और हिन्दू समाज को जाती में बांटने के लिए यह यूजीसी कानून लाया गया है। इस कानून को हर हाल में वापिस कराकर रहेंगे। हम हिन्दू समाज को ऐसे कानून से बटने नहीं देंगे। यात्रा में शामिल गुलशन चौहान ने यूजीसी की परिभाषा भारत को इस्लामिक देश बनाना बताया। धर्मेंद्र मलिक क्षेत्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन ने कहा कि केंद्र सरकार यूजीसी का कानून नहीं ला रही, पूरे हिन्दू समाज की मौत ला रही है। हम े हिन्दू समाज को मरने नहीं देंगे। अजय सिरोही नें केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बोले कि केंद्र सरकार की सीडी बनने के कारण यूजीसी रद्द नहीं कर सकते। यात्रा ने दौराला से मेरठ में प्रवेश किया। वहां प्रेस वार्ता की गयी। महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी ने कहा कि यूजीसी काला कानून हम सभी सनातनी हिंदू बहन बेटीयों और सनातन धर्म का डेथ वारंट है। यूजीसी से हिंदू आपस में लड़कर समाप्त हो जायेगा फिर गजवा ए हिंद के लिए रास्ता साफ हो जाएगा और फिर भारत का कोई प्रधानमंत्री मुसलमान हो जायेगा।
गृहयुद्ध की जतायी आशंका
वर्तमान सरकार ने हम सभी सनातनी हिंदुओं के लिए कत्ल का फरमान जारी कर दिया है। यदि तत्काल यूजीसी काला कानून वापिस नहीं लिया तो भारत में गृहयुद्ध छिड़ जायेगा। फिर भारत में हिंदुओं के साथ वहीं होगा जो अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ बांग्लादेश, पाकिस्तान, लिबिया,सिरिया और अफ्गानिस्तान में हो रहा है। या तो सरकार हम सभी को मार दे या तो यूजीसी काला कानून तत्काल वापस लें। हम अपने सनातन धर्म और सनातनी हिंदुओं को बचाने के लिए प्राण दे भी सकते हैं और ले भी सकते हैं। यह पदयात्रा 1 मार्च को हरिद्वार से चलकर 8 मार्च दिल्ली रामलीला मैदान में पूर्ण होगी।
दौराला में स्वागत
पदयात्रा के दौराला पहुंचने पर जगसरन कौशिक, भानुप्रताप भाटी, ओमकार उपाध्यक्ष,विनित शर्मा, पंडित भोला दत्त शर्मा, मुनेश राघव, मुकेश ठाकुर जी पंडित सौरभ सिवाय मयंक शर्मा दौराला वासु शर्मा ने स्वागत किया।