क्राइम ब्रांच की जांच पर आंच

kabir Sharma
4 Min Read
WhatsApp Channel Join Now

तो क्या मुकदमे में नामजद आरोपियों के हिसाब से होगी जांच, जिन बातों का वास्ता नहीं, उन्हें जांच में शामिल करने की वजह क्या, आला अफसरों से खेल की शिकायत

मेरठ। सदर दुर्गाबाड़ी स्थित जैन मंदिर में कुटरचित कागजात तैयार कर उस पर अवैध काविज होने तथा करोड़ों की नकदी व सौ किलो से ज्यादा सोना व हजार किलो से ज्यादा चांदी के गवन के मामले में अध्यक्ष रंजीत जैन, मृदुल जैन, अनिल जैन बंटी समेत करीब दस नामजदों की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की जांच पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस जांच पर अब आंच आने लगी है और जिस खेल की बात मुकदमा दर्ज कराने वाले ऋषभ एकाडेमी के सचिव डा. संजय जैन कर रहे हैं उसकी पूरी जानकारी पुलिस महकमे के उच्च पदस्थ अधिकारियों को भी हाेली पर्व से पहले ही दे दी गयी। एक अधिकारी ने तो यहां तक टिप्पणी कर दी बतायी जाती है कि क्या अब आईओ मामले में आरोपी बनाए गए लोगों के कहने पर जांच की दिशा तय करेंगी। यह टिप्पणी बेहद गंभीर मानी जा रही है।

डिप्टी रजिस्ट्रार समेत कई स्तर की जांच के बाद FIR

यहां यह भी बता दें कि जिस मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है, वह मुकदमा डिप्टी रजिस्ट्रार तथा तत्कालीन एसएसपी के स्तर से लंबी जांच प्रक्रिया के बाद दर्ज किया गया है। तत्कालीन सीओ सदर व इंस्पेक्टर ने भी मामले की जांच की। तब कहीं जाकर रंजीत जैन, मृदुल जैन, अनिल जैन बंटी आदि कुल दस बताए जा रहे लोगों के खिलाफ यह मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज किए जाने के साथ साथ उस वक्त तमाम पर्चे पुलिस ने काटे, लेकिन जिस तरह से जांच की दिशा नामजदों के कहने से मोड़ी जा रही है, बकौल डा. संजय जैन तो क्या जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों के द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे पर यह सवाल खड़ा करना सरीखा नहीं है।

गुमराह करने के अलावा कुछ नहीं

डा. संजय जैन का आरोप है कि इस मामले में नामजदों द्वारा क्राइम ब्रांच को गुमराह किए जाने के अलावा कुछ नहीं किया जा रहा है। लेकिन वो यह समझ लें कि कानून का शिकंजा उन पर कस गया है और देर सवेर उनका सलाखों के पीछे जाना तय है। डा. संजय जैन उदाहरण देकर अपनी बात समझाते हैं। उनका कहना है कि इस मामले में क्राइम ब्रांच की आईओ के स्तर से हो यह रहा है कि किसी किसी हत्यारोपी ने कहा कि अमुक व्यक्ति ने फलां व्यक्ति के प्रति अपराध किया है पहले उसकी जांच की जाए। आईओ का कहना है कि हां ठीक है पहले उसकी जांच कर ली जाए। जब अपराध करने वाले व्यक्ति के पास पहुंचते हैं तो वो कहता है कि मेरे से पहले तो फलां व्यक्ति ने अपराध किया है पहले उसकी जांच करो फिर मेरे पास आना। डा. संजय जैन का आरोप है कि क्राइम ब्रांच की आईओ इस मामले में इसके अलावा कुछ नहीं कर रही हैं, जबकि इन सब बातों को उनकी तहरीर पर दर्ज किए गए मुकदमे का कुछ भी लेना देना नहीं है।

- Advertisement -
WhatsApp Channel Join Now
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *