अमेरिका व इजराइल के हमलों के बाद भी ईरानी मिसाइलें बरसा रहीं मौत, एक तरफा नहीं युद्ध, इस बार बुरा फंसा है अमेरिका, चाहता है सीज फायर
नई दिल्ली/तेहरान/तेलअबीब/न्यूयॉर्क। ईरान पर जबरदस्त एयर स्ट्राइक और मिसाइलों के हमलों के बाद भी ईरान का हौसला कम होता नजर नहीं आ रहा है। भले ही हमले कम कर दिए गए हों, लेकिन जो हौसला पहले दिन था वो आज भी कायम है। यह लड़ाई एकतरफा नहीं है। अमेरिका को समझ नहीं आ रहा है कि ईरान को कैसे काबू करे। अमेरिका और इजरायल के भयंकर हमलों के बाद ईरान के हमलों में कमी तो जरूर आयी है, लेकिन ऐसा भी नहीं का जा सकता कि उसको काबू कर लिया गया है। ईरान जो भी हमले इजरायल पर कर रहा है वो बेहद घातक और बड़ा नुकसान पहुंचाने वाले हैं। कुल मिलाकर, ईरान की मिसाइलें अभी भी परेशान कर रही हैं (खासकर saturation attacks से डिफेंस ओवरलोड), लेकिन US-इजरायल की स्ट्राइक्स से ईरान की जवाबी क्षमता तेजी से कम हो रही है। युद्ध अब दूसरे हफ्ते में है, और escalation जारी है, जबकि ट्रंप चाहता है कि जितनी जल्दी हो लड़ाई की आफत से पीछा छूटे।
परेशान है अमेरिका और इजरायल
ईरानी मिसाइलों से अमेरिका और इजरायल काफी परेशान दिख रहे हैं, 2026 के इस युद्ध (जिसे Operation Epic Fury कहा जा रहा है) में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन अटैक जारी हैं, लेकिन अमेरिका-इजरायल की स्ट्राइक्स से ईरान की मिसाइल क्षमता में भारी गिरावट आई है। ईरान अब भी रोजाना 10-25 मिसाइल/ड्रोन लॉन्च कर रहा है, जो इजरायल, गल्फ देशों (UAE, Bahrain, Kuwait, Qatar, Saudi Arabia) और US बेस पर जा रहे हैं। इससे डिफेंस सिस्टम (Iron Dome, Patriot, THAAD) पर दबाव बढ़ा है, और इंटरसेप्टर की कमी की चिंता है।
इजरायल निशाने पर
ईरान के निशाने पर Tel Aviv और central Israel में, जहां सिविलियन एरिया है। यहां व्यापक नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई में काफी अरसा लग जाएगा। अभी तो लड़ाई ही थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कम होने के बाद भी ईरान इजरायल पर घातक मार मार रहा है। इजरायल की पब्लिक ईरानी मिसाइलों से बुरी तरह से डरी हुई है। आम इजरायली किसी भी हालत में ईरानी मिसाइलों की बारिश को बंद होते देखना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नजर नहीं आ रहा है।
अमेरिका और इजरायल परेशान
ईरान से लड़ाई में अब अमेरिका और इजरायल परेशान हैं। उनकी परेशानी की बड़ी वजह से ईरान को रूस और चीन की मदद की खबरें हैं। वहीं दूसरी ओर अमेरिका और इजरायल के इंटरसेप्टर स्टॉक घट रहे हैं—US में Patriot/THAAD मिसाइलें कम पड़ रही हैं (Lockheed Martin प्रोडक्शन बढ़ा रहा है, लेकिन महीने में सिर्फ 6-7 नए इंटरसेप्टर बनते हैं जबकि ईरान 100+ फायर कर सकता है)। अमेरिका के मित्र गल्फ देशों पर ईरानी ड्रोन/मिसाइल से हमले: Bahrain में desalination plant हिट, Kuwait में 2 मौतें, UAE/Dubai में debris गिरा। इससे US बेस और ऑयल इंफ्रा खतरे में आ गए हैं।
ईरान का छह माह लड़ने का इरादा
अमेरिका और इजरायल की पब्लिक के डर की वजह ईरान का हौसला और उसकी घोषणाएं हैं जो ईरानी मिसाइलों की मानिंद खतरनाक हैं। ईरान कह रहा है कि उसके पास अभी advanced मिसाइल स्टॉक बाकी हैं, और युद्ध 6 महीने तक चला सकता है। लेकिन प्रोडक्शन साइट्स और लॉन्चर डैमेज से क्षमता कमजोर हुई है। तेहरान में ऑयल स्टोरेज पर हमले से आग और blackened rainwater की खबरें भी आ रही हैं। लेकिन इनसे ईरान का हौसला कम नहीं हुआ है।