जंग की आग में झुलस रहा भारत

kabir Sharma
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कीमतें आसामान पर, पूरा देश परेशान, लोग पूछ रहे हैं कि क्या कर रही है सरकार, होटल इंडस्ट्रीज पर गहराया संकट

नई दिल्ली। ईरान से अमेरिका और इजराइल की जंग की आग भारत आ पहुंची है। इसकी आग से अब भारतीय बुरी तरह से झुलढने लगे हैं। खासतौर से गरीब और मध्यवर्गीय गरीब परिवारों का ईरान से अमेरिका और इजरायल की जंग ने हुलिया टाइट कर दिया है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि करें तो क्यों जाए तो कहां जाएं। क्योंकि देश की मोदी सरकार तो कुछ नहीं कर रही है ऐसा भी कुछ नहीं जिससे देश के लोगों को जो इस जंग से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं उनको कुछ राहत दिला सके।

मध्य पूर्व में जंग की वजह से बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमते आसमान छू रही हैं। दुनिया भर के शेयर बाजारों में हा-हाकार मचा है। भारत में एलपीजी रसोई गैस के सिलेंडर पर साठ रुपए बढ़ाकर मोदी सरकार ने आम आदमी पर बड़ा हमला बोला है। इससे महंगाई आसामान छू रही है।

आसमान छू रही कीमतें

जंग की वजह से भारत समेत पूरी दुनिया में तेल व गैस की कीमतें आसामान छू रही हैं। इसका असर भारत के बाजाराें पर भी पउ़ रहा है। यह वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है, और भारत में इसके प्रभाव सीधे दिख रहे हैं, लेकिन उपाय कुछ नहीं सूझ रहा है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, स्टॉक मार्केट गिर रहा है, और ऊर्जा सुरक्षा को खतरा मंडरा रहा है। क्रूड ऑयल की कीमतें $100-115 प्रति बैरल के पार पहुंच गईं (कुछ समय के लिए $120 तक भी छू गईं)। ईरान ने धमकी दी कि अगर युद्ध लंबा चला तो $200 तक जा सकती हैं। भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा होने की आशंका, लेकिन सरकार ने अभी कोई बढ़ोतरी नहीं की—कहा कि रिजर्व से तेल नहीं निकालेंगे। यदि रिजर्व तेल नहीं निकाला तो भारत में 200 रुपए लीटर पेट्रोल बिकेगा।

जंग की मार से बाजार बेहाल

ईरान से अमेरिक और इजरायल की जंग से भारतीय शेयर बाजार बेहाल हैं। निवेशक परेशान हैं। सेंसेक्स और निफ्टी 2-3% तक गिरे, रुपया डॉलर के मुकाबले नए निचले स्तर (92.33-92.35) पर पहुंचा। विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे हैं। इसके अलावा उनके पास कोई चारा भी तो नहीं है।

ट्रंप को पूछता कौन है

ईरान ने अपना सुप्रीम लीडर चुन लिया है। ईरानियों ने ईरान में लीडरशिप चेंज कर मोजताबा खामेनेई (अली खामेनेई के बेटे) नए सुप्रीम लीडर बने। ट्रंप ने कहा “नॉट हैपी” इस पर ईरानियों ने कहा है कि कौन है ट्रंप। इसको कौन पूछता है। यह होता कौन है। हमें जो अच्छा लगा हमने अपना सुप्रीमलीडर चुन लिया।

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होटल इंडस्ट्रीज पर बुरा असर

जंग के चलते गैस संकट की वजह से होटल इंडस्ट्रीज पर संकट गहरा रहा है। बेंगलुरु/मुंबई में गैस सप्लाई की कमी से रेस्तरां बंद होने की धमकी। कुछ शहरों में LPG शॉर्टेज। किसान यूनियन ने US-इंडिया ट्रेड डील के खिलाफ ट्रैक्टर मार्च निकाला। ईएएम एस. जयशंकर ने संसद में ब्रिफिंग दी। कहा कि ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता है, भारतीय नागरिकों की निकासी जारी (गल्फ देशों से स्पेशल फ्लाइट्स)। PM मोदी ने इजराइल-ईरान नेताओं से बात की है, लेकिन होटल इंडस्ट्रीज का कहना है कि यह काफी नहीं है। कुछ ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

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