कबाड़ियों को खदेड़ने को सदर भूसा मंड़ी में चलेगा बुलडोजर, बाउंड्री रोड होगी फोर लेन, रजबन वाला पुल होगा चौड़ा, कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर निखिल देशपांड़े का तवादला, सभी को नसीहत
मेरठ। कैंट बोर्ड की स्पेशल बैठक में सदर भूसामंड़ी इलाके से कबाड़ियों के अवैध कब्जे और व्यापारियों के अवैध कब्जे हटाए जाने के लिए सदर भूसा मंड़ी में बुलडोजर चलाया जाएगा। इसके अलावा माल रोड से सटी बाउंड्री रोड को फोर लेन किया जाएगा। बोर्ड बैठक में सबसे बड़ा फैसला सड़क किनारे अवैध कब्जे करने वालों से निपटने को लेकर किया गया। सड़क किनारों पर जो लोग फड़ लगाकर बैठ जाते हैं और यातायात में बाधा पैदा करते हैं, उसने निपटने का काम अब सेना की क्यूआरटी करेगी। कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर निखिल देशपांडे का तवादल हो गया है। अपनी अंतिम बैठक में ब्रिगेडियर अध्यक्ष निखिल देशपांडे ने सभी को नसीहत दी कि कैंट बोर्ड को अपनी बपौती ना समझें। कैंट बोर्ड पब्लिक के लिए हैं। यह किसी की निजी संपत्ति नहीं। उनका इशारा राजनीतिकों की ओर भी था। उनके इस इशारे के निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
स्पेशल बोर्ड
कैंट बोर्ड की स्पेशल बोर्ड बैठक आज दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई। बोर्ड बैठक से पहले ही अध्यक्ष निखिल देशपांडे के तवादले की सूचना पहुंच चुकी थी। अध्यक्ष के तौर पर निखिल देशपांडे की संभवत: आज आखिरी बोर्ड बैठक थी। निखिल देशपांड़े की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में जो महत्वपूर्ण मसले उठाए गए, उनमें सबसे प्रमुख मसला सदर और भूसामंड़ी इलाकों में यातायात में बाधक बने अवैध कब्जे थे। ये दोनों ही मसले कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने उठाए। उन्होंने बताया कि वह पूर्व में भी इन मसलों को उठा चुके हैं। अमित अग्रवाल का कहना था कि वेस्ट एंड रोड पर भूसा मंड़ी इलाके में अवैध कब्जों की वजह से स्कूली बसों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। कमोवेश यही स्थिति सदर बाजार की भी है। जौली शॉपिंग सेंटर के सामने हर समय २५ वाहन खड़े रहते हैं। व्यापारियों ने तीन से पांच फुट तक कब्जे कर लिए हैं। चर्चा के बाद तय किया गया कि सदर भूसा व भूसामंड़ी में अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। इसके लिए कैंट बोर्ड का बुलडोजर चलेगा। इसके अलावा जो मुख्य मुद्दे चर्चा का हिस्सा था उनमें माल रोड से सटी बाउंड्री रोड का फोर लेन किया जाना शामिल रहा। फोर लेन किए जाने में जो अवैध कब्जे बाधक होंगे उन्हें भी हटाया जाएगा। हनुमान चौक के नजदीक रजबन पुल को चौड़ा किए जाने पर सहमति बनी। यह मामला भी कैंट विधायक ने उठाया। उनका कहना था कि रजबन वाला पुल यातायात के अनुपात में काफी संकरा है। इसको चौड़ा किय जाना चाहिए। कूडा कचरे के लिए दो कंटेनर भी क्रय किए जाएंगे। एमए जफर की सेलरी का मामला पेंडिंग कर दिया गया है। बैठक में मुटेशन के 9 मामले पेश किए गए पांच को स्वीकृति दे दी गयी।
अन्य मसले
स्पेशल बोर्ड बैठक में जो अन्य मसले उठाए गए उनमें आउटसोर्स के 250 कर्मचरियों को दो माह का एक्सटेंशन, गांधी बाग का कृष्णादेवी को 76 लाख का ठेका इसके अलावा हर साल पांच फीसदी बढ़ाए जाने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा सीएबी का पार्किग ठेका 2.50 लाख, रेलवे कैंट स्टेशन का ठेका 5.68 लाख, गांधी बाग में तैनात पीएसओ को छह माह का एक्सटेंशन भी शामिल हैं।
सदर में बनेगा सुलभ शौचालय
सदर क्षेत्र में सुलभ शौचालय बनया जाएगा। बोर्ड बैठक में बताया गया है कि इसके लिए सदर के व्यापारियों को साथ लेकर एक कमेटी बनायी जाएगी। उसमें व्यापारियों के सुझाव लिए जाएंगे। जिस स्थान पर सुभल शौचालय बनाया जाएगा वह स्थान भी कमेटी ही चिन्हित करेगी। कमेटी में व्यापारियों के अलावा कैंट बोर्ड के अफसर या स्टाफ के लोग भी शामिल रहेंगे।
अवैध हैं एनसीआरटीसी के पार्किग स्थल
बोर्ड बैठक में जानकारी दी गई कि कैंट इलाके में एनसीआरटीसी के जितने भी पार्किंग ठेके चल रहे हैं उनकी अनुमति नहीं ली गयी है। कैंट प्रशासन की अनुमति के बगैर ही इनका संचालन किया जा रहा है। अध्यक्ष निखिल देशपांडे ने निर्देश दिए कि एनसीआरटीसी अफसरों को बुलाकर उनसे बात की जाए और जो भी अनिवार्य कार्रवाइयां हैं उनको पूरा किया जाए। जो पार्किग ठेके संचालित किए जा रहे हैं उनसे कैंट बोर्ड को किसी प्रकार का रेवेन्यू नहीं मिल रहा है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में अध्यक्ष ब्रिगेडियर निखिल देशपांड़े, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, सीईओ जाकिर हुसैन, एडिशनल सीईओ हर्षिता चामड़िया, इंजीनियरिंग सेक्शन हेड एई पीयूष गौतम, ओएस जयपाल तोमर, सेनेट्री सेक्शन हेड वीके त्यागी, डा. सतीश शर्मा आदि भी शामिल रहे।