
सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की को-ओनर और CEO, खेल जगत में की जा रही प्रशंसा, खेल को खेल ही रहने दो
नई दिल्ली। काव्या मारन वाकई एक ब्रेव लेडी हैं जिनकी खेल की दुनिया में जमकर तारीफ की जा रही है, हालांकि उनकी इस हिम्मत को कुछ ट्रोलर पंसद नहीं कर रहे हैं, लेकिन यह बहादुर महिला इस सबकी परवाह नहीं करती नजर आ रही हैं। वैसे भी खेल को खेल की भावना से यदि देखें तो ही बेहतर है। इसमें मजहब का तड़का लगाने वाले कभी भी ना तो सच्चे इंसान हो सकते ना सच्चे भारतीय।
यह हुआ
काव्या मारन, जो सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की को-ओनर और CEO हैं, हाल ही में बड़े विवाद में घिरी हुई हैं। यह विवाद इंग्लैंड की T20 लीग The Hundred 2026 के पहले खिलाड़ी ऑक्शन से जुड़ा है। उनकी सिस्टर फ्रेंचाइजी Sunrisers Leeds ने पाकिस्तानी मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को £190,000 (लगभग ₹2.3-2.34 करोड़) में खरीदा। यह पहली बार है जब किसी भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी ने The Hundred में पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन किया है। IPL में 2009 से पाकिस्तानी खिलाड़ी बैन हैं, लेकिन यह लीग अलग है, इसलिए यह कदम उठाया गया।
ट्रोलर जाएं भाड़ में
जो लोग काव्या मारन के इस फैसले के साथ नहीं हैं, खेल को केवल खेल की नजर से देखने वालों का कहना है कि ट्रोलर जाएं भाड़ में दरअसल सोशल मीडिया पर काव्या मारन और SRH पर भारी ट्रोलिंग हो रही है। कई यूजर्स इसे “राष्ट्रीय भावनाओं के खिलाफ” बता रहे हैं। कुछ का आरोप है कि अबरार ने पहले “ऑपरेशन सिंदूर” (भारतीय सेना से जुड़े किसी संदर्भ) में भारत का मजाक उड़ाया था। लेकिन काव्या मारन के फैन्स का कहना है कि इससे खेल का कुछ लेना देना नहीं है। खेल केवल खेल है इसके अलावा कुछ नहीं।
BCCI का नो कमेंट
BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि यह उनका मामला नहीं है, क्योंकि The Hundred इंग्लैंड की लीग है और IPL से अलग। वहीं दूसरी ओर Sunrisers Leeds ने कहा कि वे अबरार से “बहुत खुश” हैं और फैसला मेरिट पर आधारित है। वे बैकलैश से प्रभावित नहीं दिख रहे।