दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास से नाराज, दाग डाली दस बैलिस्टिक मिसाइलें, पूरी दुनिया में मचा है हड़कंप
नई दिल्ली। अमेरिका और दक्षिण कोरिया के एक बड़े सैन्य अभ्यास के दौरान उत्तर कोरिया ने दस बैलिस्टिक मिसाइलें दाग कर सीधे अमेरिका को धमका दिया है। जापान तट की ओर एक साथ इतनी बैलिस्टिक मिसाइलों के दागे जाने से इस पूरे खित्ते में हड़कंप मचा हुआ है। दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, ये मिसाइलें सुनान इलाके से दागी गईं, जो क्षेत्र में तनाव को और बढ़ाता है। ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल तथा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रही लड़ाई के बीच जंग का एक और मोर्चा खुल जाने की आशंका पैदा हो गयी है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि उत्तर कोरिया पूरी तरह से जहां आक्रामक है वहीं दूसरी ओर अमेरिका और दक्षिण कोरिया पूरी तरह से संयमित बने हुए हैं। उनकी ओर से आक्रामक प्रतिक्रया नहीं दी गयी है। उत्तर कोरिया के इस कदम से जापान और दक्षिण कोरिया में हड़कंप मच गया है।
जापान के रक्षा मंत्रालय ने की पुष्टि
उत्तर कोरिया की ओर से दस मिसाइलें आने की पुष्टि जापान के रक्षा मंत्रालय ने की है, लेकिन इसको लेकर कोई जबावी कार्रवाई की जानकारी नहीं है। जापानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि आज सुबह उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से एक के बाद एक लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इन मिसाइलों ने समुद्र में गिरने से पहले लगभग 340 किलोमीटर की दूरी तय की और ये करीब 80 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक पहुंचीं।
जापान सुरक्षा को लेकर परेशान
उत्तर कोरिया के की दस बेलिस्टिक मिसाइलों के आने के बाद जापान अपने सुरक्षा को लेकर परेशान हो उठा है। हालांकि जानकारों का कहना है कि बैलिस्टिक मिसाइलें जापान नहीं बल्कि सीधे-सीधे अमेरिका और दक्षिण कोरिया को धमकाने के लिए दागी गयी थीं। जापान सरकार के हवाले से कहा गया है कि ये मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरी हैं, जिससे किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। जापानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर ‘इमरजेंसी अलर्ट’ जारी करते हुए एक विशेष रिस्पांस टीम तैनात कर दी है। दरअसल उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान मिसाइलें दाग कर संदेश दिया है कि वह इस प्रकार की फौजी एक्सरसाइज से डरने वाला नहीं।
पूरी दुनिया परेशान
उत्तर कोरिया की बैलिस्टिक मिसाइलों के फायर से पूरी दुनिया परेशान है। दरअसल आशंका है कि परमाणु ताकत से लैस उत्तर कोरिया कहीं और ज्यादा बड़ा कदम ना उठा ले। इसीलिए तमाम देश उत्तर कोरिया की कार्रवाई को लेकर प्रतिक्रिया देने से भी परहेज बरत रहे हैं। हालांकि चीन और रूस को उत्तर कोरिया का मित्र माना जाता है।