होर्मूज जलडमरूमध्य पर ईरान की मिसाइलों का पहरा, ओमान व दुबई में तेल महंगा, पूरी दुनिया पर पड़ेगा बुरा असर
नई दिल्ली। यदि ईरान से अमेरिका और इजरायल की लड़ाई नहीं रूकी तो दुनिया में तेल की कीमत आसमान छूने लगेंगी। कच्चे तेल की कीमतें दो सौ प्रति बैरल पहुंच जाएंगी। लेकिन फिलहाल जो हालात बने हैं उनके चलते लड़ाई थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। तेल की कीमतों में आग लगने की बड़ी वजह होर्मूज स्टेज पर ईरान की पावंदी होगा। यदि ईरान की पावंदी यूं ही जारी रहीं तो आने वाले वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमत दुनिया भर में दो सौ डालर प्रति बैरल पहुंच जाएगी। होर्मूज स्टेट जो शांति काल में वैश्विक तेल आपूर्ति के लगभग पांचवें हिस्से का मार्ग है, आने वाले हफ्तों में प्रभावी रूप से बंद रहता है, तो कीमतों में काफी अधिक वृद्धि की गुंजाइश है।
ओमान व दुबई में 150 डालर प्रति बैरल
मिडिल ईस्ट में चल रही लड़ाई की वजह से”ओमान और दुबई जैसे मध्य पूर्वी देशों के प्रमुख कच्चे तेल पहले ही 150 डॉलर की सीमा पार कर चुके हैं, इसलिए 200 डॉलर का आंकड़ा नजरों के सामने है, भले ही ब्रेंट और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के लिए न हो। लड़ाई शुरू होने के बाद तमाम विशेषज्ञों ने कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ौत्तरी की भविष्यवाणी कर दी थी और अब वैसा ही देखने में आ रहा है।
हमले की वजह से हिम्मत नहीं
ईरान ने दो टूक कहा है कि यदि उनकी अनुमति के बगैर कोई भी कोई भी शिप तेल या गैस लेकर गुजरता है तो उस पर हमला किया जाएगा। ईरान ऐस कर भी चुका है। हमले के डर की वजह से अब कोई भी देश होर्मूज स्टेज से गुजरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। होर्मूज स्टेट बंद होेने के कारण ही अमेरिका बुरी तरह से बौखलाया हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए नौसैनिक काफिले का समर्थन जुटाने में विफल रहे हैं, जबकि देश सुरक्षित मार्ग के लिए ईरान के साथ समझौते करने में जुटे हैं। कोई भी देश अमेरिका के कहने पर ईरान से दुश्मनी मोल नहीं ले रहा है।