देवी पूजा के साथ चैत्र नवरात्र शुरू, शहर के तमाम मंदिरों में पूजा अर्चना, नवरात्र पर मंदिरों में विशेष आयोजन भी
मेरठ। चैत्र नवरात्र के मौके पर महानगर के सभी देवी मंदिरों में नवदुर्गाओं की आराधना की जा रही है। मंदिरों को करीने से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। मंदिरों में मेले जैसा माहौल है। सबसे ज्यादा भीड़ सदर के काली माई मंदिर में है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालुजन पहुंच रहे हैं। चैत्रनवरात्र का आज पहला दिन है और ये 27 मार्च तक चलेंगे। नवरात्र पर्व को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख मंदिरों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस वर्ष घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 19 मार्च को सुबह 6:52 से 7:53 बजे तक था। आज पहले नवरात्र पर मां शैलपुत्री का गुणगान किया जा रहा है। यह देवी दुर्गा का प्रथम स्वरूप हैं। मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। वह वृषभ (बैल) पर सवार हैं और उनके दाएं हाथ में त्रिशूल तथा बाएं हाथ में कमल सुशोभित है। मान्यता है कि माता जीवन में स्थिरता, दृढ़ता और मन की चंचलता को दूर करने की शक्ति प्रदान करती हैं।
घटा स्थापना से पूजा अर्चना शुरू
घरों और मंदिरों में मां भगवती की पूजा-अर्चना से पहले कलश या घट स्थापना की जाती है। देवी पुराण के अनुसार, स्थापित किया गया कलश सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना जाता है। कलश में गंगाजल, अक्षत, पुष्प, हल्दी और लौंग अर्पित किए जाते हैं। कई देवी भक्त इन नौ दिनों में व्रत भी रखते हैं। देवी मंदिरों में मां जगदंबे का विशेष शृंगार और आरती की जाएगी। बुधवार को बाजारों में श्रद्धालुओं ने मां की चुनरी, पोशाक, सोलह शृंगार की सामग्री, नारियल और अन्य पूजन सामग्री खरीदी।
इन मंदिरों पर ज्यादा भीड़
चैत्र नवरात्र के मौके पर जिन मंदिरों पर ज्यादा भीड़ है उनमें सिद्ध पीठ सदर कालीमाई मंदिर, लालकुर्ती शक्तिधाम मंदिर, नौचंदी स्थित चंड़ी देवी मंदिर, मंशादेवी मंदिर आदि प्रमुख हैं।