साठ भवनों व दो हॉस्पिटल और कोका कोला का गोदाम सील, मुख्यालय जोन में हाउस टैक्स रिकबरी को लेकर जमकर हुआ हंगामा, प्रवर्तन दल रहा शामिल
मेरठ। मार्च माह में हाउस टैक्स को लेकर नगर निगम प्रशासन पूर्ण सख्ती पर उतारू है। चलाए गए अभियान के दौरान साठ भवनों व दो हॉस्पिटल समेत कोका कोला गोदाम को सील कर दिया गया। निगम के इस कार्रवाई में प्रवर्तन दल भी शामिल रहा। यदि प्रवर्तन दल ना होता तो निगम के अफसरों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता था। वहीं दूसरी ओर निगम के पार्षदों ने आरोप लगाया कि हाउस टैक्स वसूली के नाम पर निगम के अफसर अब उत्पीड़न व जोर जबरदस्ती पर उतर आए हैं। यह स्वीकार्य नहीं।
यह हुआ
सोमवार की सुबह हाउस टैक्स के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी शिव कुमार गौतम तथा प्रवर्तन दल के कर्नल संजीव सिंह तोमर मुख्यालय जोन में हाउस टैक्स रिकबरी को निकले। इस अभियान में कर निर्धारण अधिकारी शिप्रा रस्तौगी भी शामिल थीं। यह टीम मुख्यालय जोन के हापुड़ रोड इस्लामबाद क्षेत्र में पहुंची। टीम ने पहले ही उन भवनों की सूची तैयार कर ली थी जहां से टैक्स की रिकबरी की जानी थी। शिव कुमार गौतम ने बताया कि जिनसे हाउस टैक्स की रिकबरी की जानी थी उनको पहले नोटिस दिए गए, जब नोटिस के बाद भी हाउस टैक्स जमा नहीं किया गया तो उनके भवनों पर नोटिस चस्पा किए गए। नोटिस चस्पा किए जाने के बाद भी जब हाउस टैक्स निगम में जमा नहीं किया गया तो अंतोगत्वा आज रिकबकी के लिए निकले हैं।
हापुड़ रोड इस्लामाबाद और मुख्यालय जोन में जहां जहां भी आज अभियान चलाया गया वहां ज्यादातर क्षेत्रों में लोगों ने सील की कार्रवाई का विरोध किया। कुछ स्थानों पर तो लोग उग्र भी हो गए। उन्हेुं किसी प्रकार प्रवर्तन दल ने संभाला। उनके साथ प्रवर्तन दल सख्ती से पेश आया। इसके बाद ही निगम की टीम सील की कार्रवाई कर सकी। कार्रवाई के दौरान कुल साठ भवनों को सील किया गया। इनमें बड़ी संख्या व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की भी है। इनके अलावा दो हॉस्पिटल भी सील किए गए। कोका कोला का एक गोदाम भी सील किया गया। सील की कार्रवाई के दौरान हापुड़ रोड इलाके में लोग उग्र हो गए। उन्हें कर निर्धारण अधिकारी ने किसी प्रकार समझा कर शांत किया। शिव कुमार गौतम ने उनसे कहा कि सील को अन्यथा ना लिया जाए, जो भी हाउस टैक्स बकाया है उसको निगम में जमा करा दिए जाए। जमा कराए जाने के साथ ही सील खुल दी जाएगी। उन्होंने लोगों को बताया कि नगरायुक्त ने हाउस टैक्स का टारगेट तय किया हुआ है। मार्च का अंतिम सप्ताह चल रहा है। इस सप्ताह में हर दशा में तय टारगेट तय किया गया है उसको हासिल करना है। उन्होंने कहा कि हाउस टैक्स की मद में जो पैसा एकत्र किया जा रहा है, वह शहर के विकास पर ही खर्च किया जाता है। उन्होंने लोगों से कहा कि हाउस टैक्स जमा कराने के काम में सहयोग किया जाना चाहिए।
कार्रवाई का विरोध
निगम की हाउस टैक्स रिकबरी का बड़े स्तर पर विरोध भी किया जा रहा है। केवल विपक्ष ही नहीं बल्कि सत्ताधारी यानि भाजपा के लोग भी रिकबरी का विरोध कर रहे हैं। भाजपा के पूर्व पार्षद नरेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि जिस तरह से गाजियाबाद के मेयर ने साहसिक कदम उठाते हुए पुरानी दरों पर हाउस टैक्स जमा कराए जाने का एलान किया है, मेरठ में भी वैसा कुछ क्यों नहीं किया जा रहा है। भाजपा व सपा के तमाम पार्षदों का कहना है कि महापौर से आग्रह किया गया था कि निगम बोर्ड की विशेष बैठक बुला कर इस मुद्दे पर प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा जाए। शासन में तमाम जन प्रतिनिधि पैरवी करेंगे और उसके बाद पुरानी दरों पर गाजियाबाद की तर्ज पर हाउस टैक्स रिकबरी कराएं। तब तक हाउस टैक्स की रिकबरी रोकी जानी चाहिए। वहीं दूसरी ओर महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि एक भी िबल ऐसा नहीं है जो गलत दरों से भेजा गया हो।