युद्ध विराम के प्रस्ताव को बताया खामियों का पुलिंदा, ईरान ने अपना पांच सूत्रीय प्रस्ताव किय पेश, कई देशों चाहते हैं मेजबानी
नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिका के युद्ध विराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान सरकार का कहना है कि जो प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिये उन्हें मिला है वह खामियों का पुलिंदा है, उससे ज्यादा कुछ नहीं। युद्ध विराम को लेकर जो भी बातें मीडिया की मार्फत सामने आ रही हैं उनको लेकर भी ईरान के फौजी कमांडर बेहद संशय में हैं। वहीं दूसरी ओर जानकारों की मानें तो ईरान की अपनी पांच सूत्री योजना प्रस्तुत की, जिसमें उसके अधिकारियों की हत्याओं पर रोक लगाना, यह सुनिश्चित करने के साधन उपलब्ध कराना कि उसके खिलाफ कोई और युद्ध न छेड़ा जाए, युद्ध के लिए हर्जाना, शत्रुता का अंत और ईरान द्वारा “होर्मुज जलडमरूमध्य पर संप्रभुता का प्रयोग” शामिल था।इससे पहले, पाकिस्तान के दो अधिकारियों ने 15 सूत्रीय अमेरिकी प्रस्ताव का व्यापक रूप से वर्णन करते हुए कहा कि इसमें प्रतिबंधों में राहत, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वापस लेना, उसकी मिसाइलों पर सीमाएं लगाना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है, जिसके माध्यम से दुनिया के एक-पांचवें तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाती है।
कई देशों ने रखे मेजवानी के प्रस्ताव
पाकिस्तान के इतर कई अन्य देशों ने युद्ध विराम को लेकर संभावित बैठकों को लेकर मेजबानी के प्रस्ताव रखे हैं। मध्यस्थता प्रयासों में शामिल एक मिस्र के अधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव में सशस्त्र समूहों के लिए ईरान के समर्थन पर प्रतिबंध भी शामिल हैं। इनके अलावा भी कई देश हैं जो चाहते हैं कि इस लड़ाई को खत्म कराने वालों में उनका भी नाम शामिल किया जाए।
फूंक-फूं कर कदम रख रहे हैं ईरानी
एक ओर युद्ध विराम की बात चल रही है वहीं दूसरी ओर एयर स्ट्राइक भी की जा रही है। ईरान भी लड़ाई का उत्तर लड़ाई से दे रहा है। लड़ाई के बीच मिल रहे युद्ध विराम के प्रस्तावों को लेकर ईरानी कमांडर बेहद उलझन में है। वो ट्रंप पर इतनी आसानी से भरोसा करने को तैयार नहीं। इस बात की कोई गारंटी नहीं कि ट्रंप अपनी बात से नहीं पलटेगा।