बाहर कर दिए गए थे डीसी इलेवन से, पृथ्वी ने माना कि उन्हें मैंटली स्ट्रॉगनेस चाहिए थी, अब सोशल मीडिया से किया किनारा
नई दिल्ली। इंडियन क्रिकेटर पृथ्वी शॉ ने क्याें कहा कि उन्हें मैंटली स्ट्रॅाग होने के लिए ब्रेक या कहें रेस्ट की जरूरत थी। जब वह लौटे तो उन्होंने दावा किय कि वह पहले बेहतर महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मैटली स्ट्रॉगनेस पर क्यों फोकस किया। क्या क्रिकेट को लेकर उन्हें कोई टेंशन थी। ये तमाम सवाल पूछे जा रहे हैं। अब वो कह रहे हैंं कि फिटनेस और बल्लेबाजी पर पहले से तीन गुना अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वे अब शांत और अधिक केंद्रित महसूस कर रहे हैं और टीम इंडिया में मजबूत वापसी का लक्ष्य लेकर आईपीएल 2026 में खेल रहे हैं। हालांकि ऑफ्टर बैक उन्होंने मीडिया से कुछ दूरी बना ली है। सोशल मीडिया तो तो कतई दूर हो गए हैं।
शॉ ने माना कि यह हो गया था बेहद जरूरी
पृथ्वी शॉ ने स्वीकार किया है कि रेस्ट उनके लिए बेहद जरूरी हो गया था। रेस्ट के बाद ही वे मैंटली स्ट्रॉग हुए हैं। शॉ ने स्वीकार किया कि मानसिक मजबूती और खुद को तरोताजा करने के लिए उन्हें ब्रेक की जरूरत थी। शॉ अब अपनी बैटिंग और फिटनेस पर पहले से काफी ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। हालांकि लोग पूछ रहे हैं कि क्या वह पहले कंफर्ट नहीं थे। और अब वो आफ्टर रेस्ट कंर्फ्ट हैं। सवाल बहुत सारे हैं लेकिन जवाब तो केवल पृथ्वी शॉ ही दे सकते हैं।
पृथ्वी शॉ के साथ काफी कुछ
बता दें कि आईपीएल 2024 के बीच में ही डीसी ने उन्हें प्लेइंग XI से बाहर कर दिया था। इसके बाद 2024-25 के घरेलू सीज़न में भी उन्हें मुंबई की टीम से ड्रॉप होना पड़ा। उस समय मुंबई के उनके साथी श्रेयस अय्यर ने साफ़ कहा था कि शॉ को “अपनी वर्क एथिक्स (कार्यशैली) पर ध्यान देने की ज़रूरत है”। इन तमाम उतार-चढ़ाव के बाद शॉ ने मुंबई का साथ छोड़ दिया और हाल ही में महाराष्ट्र की टीम से जुड़कर मैदान पर वापसी की है।
शॉ ने कहा, “मैं एक इंसान हूं, मुझसे गलतियां होंगी। जो कुछ लिखा या कहा जाता है, लोग उसका सिर्फ़ आधा ही जानते हैं। मेरा परिवार मुझे जानता है… मेरे दोस्त मुझे पूरी तरह जानते हैं। सोशल मीडिया या अख़बारों में जब भी मेरे बारे में अच्छी या बुरी बातें आती थीं, तब उन्हें समझने के लिए मैं बहुत छोटा था। हर बार जब आप ऐसी चीजे़ं देखते हैं, तो आप फिर उसी में उलझ जाते हैं। इसलिए मैंने उन्हें देखना ही बंद कर दिया।