मेरठ/ निजीकरण हेतु ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट नियुक्तकरने की बिडिंग पूरी तरह अवैधानिक बताकर आंदोलनकारी बिजली कर्मचारियों ने 24 मार्च को मेरठ में महापंचायत का एलान किया है। वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत के बिजली कर्मियों ने उप्र के बिजली कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन का एलान कर दिया है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक निशांत त्यागी व सहसंयोजक व कपिल देव गौतम ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट नियुक्त करने की बिडिंग पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह असंवैधानिक करार देते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है। इस बीच आज लगातार 115वें दिन प्रदेश भर में समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर विरोध प्रदर्शन किए गए।
संघर्ष समिति मेरठ के पदाधिकारियों इं सी पी सिंह (सेवानिवृत), इं कृष्ण कुमार साराश्वत, इं निशान्त त्यागी, इं प्रगति राजपूत, कपिल देव गौतम, जितेन्द्र कुमार, दिलमणि, मांगेराम, दीपक कश्यप, प्रदीप दरोगा, भूपेंद्र, कासिफ आदि ने बताया कि ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट नियुक्त करने हेतु आर एफ पी डॉक्यूमेंट में बार बार बदलाव किया गया। कनफ्लिक्ट आफ इंटरेस्ट के अति महत्वपूर्ण प्राविधान को हटा दिया गया। अंतत: जो तीन बीड आई वह कनफ्लिक्ट आफ इंटरेस्ट के दायरे में आती हैं। यह भी कहना अनुपयुक्त नहीं होगा कि ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट की नियुक्ति हेतु बिडिंग में फिक्सिंग की गई है। यह सब अत्यन्त गम्भीर मामला है। इससे स्पष्ट हो गया है कि उप्र के 42 जनपदों के बिजली के निजीकरण में भारी घोटाला होने जा रहा है।
उधर आज गुवाहाटी में पूर्वोत्तर भारत के 08 प्रान्तों के बिजली कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के संयुक्त सम्मेलन में उप्र के बिजली कर्मियों के निजीकरण के विरोध में चल रहे आन्दोलन के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया गया। पूर्वोत्तर भारत के सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया कि 9 अप्रैल की लखनऊ रैली में पूर्वोत्तर भारत के बिजली कर्मी आयेंगे।
24 को बिजली कर्मचारियों की महापंचायत

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