सब कुछ Trifick पुलिस ही करे

kabir Sharma
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मेरठ/ सीएम योगी के आदेश पर शहर को जाम मुक्त रखने के लिए चलाए जा रहे अभियान में एक ओर तो कमिश्नरी चौराहे को जाम मुक्त रखने के लिए पार्क के चारों ओर रस्से व संकेत लगाकर कोई गाड़ी ना पार्क हो, इसका बंदोबस्त किया गया है, वहीं दूसरी ओर सड़क के ठीक सामने नगर निगम का वाहन पार्किंग ठेका चल रहा है। कमिश्नरी पार्क के चाराओं संकेत लगाए जाने और सामने एलेग्जेंडर क्लब वाली साइड में निगम के पार्किंग स्थल में गाड़ियां पार्क होने की वजह से सिविल लाइन का यह इलाका आमतौर पर जमा की चपेट में रहता है। होना तो यह चाहिए कि जहां कमिश्नर सरीखे प्रशासन के सबसे बडे अफसर बैठते हों वो इलाका जाम मुक्त रहे लेकिन हो विपरीत रहा है। दुर्दशा केवल कमिश्नरी चौराहे की ही नहीं है। सिविल लाइन इलाके की यदि बात की जाए तो पूरा सिविल लाइन एरिया कार्यदिवस में जबरदस्त जाम की चपेट में रहता हे। केवल सिविल लाइन का इलाका ही नहीं कचहरी परिसर भी बद से बदत्तर हो गया है। बेतरीब खड़ी होने वाली गाड़ियों ने वहां का भी हुलिया बिगाड़ कर रख दिया है। सिविल लाइन स्थिति एसएसपी आॅफिस के सामने लोग रोड पर ही वाहन पार्क करते हैं। दोनों ओर के रास्तों का ऐसा ही बुरा हाल है। चंद कदम आगे मेरठ विकास प्राधिकरण के आसपास का अंबेडकर चौराहे से लेकर सर्किट हाउस तक सड़क के दोनों ओर लोग गाड़ियां पार्क करते हैं। यह स्थिति तो तब है जब पुलिस लाइन में तमाम पुलिस अफसरों की मौजदूगी के अलावा यहीं पर एसपी ट्रैफिक का आफिस है। सिविल लाइन इलाके की यदि बात करें तो वेस्टर्न कचहरी रोड कोआॅपरेटिव बैंक और दूसरी ओर शाहविलायत कब्रिस्तान के सामने वाला पुल वहां अक्सर जाम से जूझना पड़ता है। जाम की बात करें तो वजह सिर्फ और सिर्फ शहर में ईरिक्शाओं का बेतरकीब संचालन है।

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महानगर में करीब साठ हजार ईरिक्शाओं का संचालन हो रहा है। Trifick पुलिस के आंकड़ों में महज 19 हजार ईरिक्शाएं वैध हैं बाकि सब अवैध रूप से संचालित की जा ही रही हैं। ऐसा नहीं कि अवैध ईरिक्शाओं के लिए केवल टैÑफिक पुलिस ही जिम्मेदार है। इसके लिए बड़ी जिम्मेदारी आरटीओ की भी है। Trifick पुलिस तो फिर भी अभियान संचालित करती है, आटीओ अफसरों को तो इतनी फुर्सत ही नहीं कि कभी अवैध ईरिक्शाओं की भी सुध ले लें।


शहर में जाम की वजह बनीं अवैध ईरिक्शाओं का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज चौधरी की जनहित याचिका पर इन दिनों हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद Trifick पुलिस ने अवैध ईरिक्शाओं पर शिकंजे के नाम पर शहर में जोन सिस्टम लागू किया गया और तय किया गया कि जोन में केवल वही ईरिक्शाएं चलेंगे जिनको अनुमति दी गयी है। इसके अलावा एक जोन के ईरिक्शा दूसरे जोन में नहीं चलेंगे। शहर की सड़कों पर केवल वही ईरिक्शा उतरेंगे जिनके पास आरटीओ का लाइसेंस होगा। बाकि तमाम ईरिक्शाओं को शहर की सड़कों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया। इस प्लान के लागू किए जाने के बाद सैकड़ों ईरिक्शाएं सीज कर पुलिस लाइन भी पहुंचायी गयीं। कुछ समय तो जोन सिस्टम का असर दिखाई दिया, लेकिन यह असर ज्यादा दिन तक नहीं रहा। पुराना ढर्रा शुरू हो गया नतीजा सबके सामने है।

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मेरठ। एसएसपी के निर्देश पर एसपी Trifick गुरूवार को शहर ईरिक्शाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का जायजा लेने निकले। में चलाए जा रहे, जब उनकी गाड़ी कमिश्नरी चौराहे पर पहुंची तो जहां पर संकेत लगाए गए थे, उन संकेतों पर ही कई ने गाड़ी पार्क कर दी। इसके अलावा संकेतों के पास ही ईरिक्शाओं का झूंड खड़ा था। जैसी एसपी Trifick ने वीडियो ग्राफी करायी, वहां भगदड़ मच गयी। उसके बाद बड़ी संख्या में वाहनों का चालान कराया गया।


एसपी Trifick राघवेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर में Trifick तथा जोन से बाहर चलने वाली ईरिक्शाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। गाड़ियां सीज की जा रही हैं। भारी भरकम जुर्माना लगाया जा रहा है। शहर कें जाम की कई वजह है। एक वजह रोड पर चल रही पार्किंग भी हैं। जब रोड पर गाड़ियां पार्क करायी जाएंगी तो रास्ते तंग होंगे। रास्ते तंग होंगे तो जाम लगेगा।

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