ईरान को लेकर ट्रंप की विदेश नीति से करीब साठ फीसदी अमेरिकी नाराज, उन्होंने लड़ाई को बताया गैरजरूरी, लंबा युद्ध अमेरिका के हित में नहीं
नई दिल्ली/न्यूयार्क/तेलअबीब। ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर अमेरिकी ही पूरी तरह से प्रेसीडेंट ट्रंप के साथ नहीं है। न्यूज ऐजेंसी CNN के एक सर्वे में करीब 60 फीसदी लोग ईरान के साथ युद्ध के ट्रंप के फैसले से असहमत हैं और लंबे युद्ध की आशंका जता रहे हैं। उनका कहना है कि इस लड़ाई में पूरी दुनिया में जहां भी अमेरिकी हैं उनको खतरा हो सकता है। वहीं दूसरी ओर यह युद्ध अमेरिका की विदेश नीति, ट्रंप की “America First” वाली वादों और MAGA बेस पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। स्थिति बहुत तेजी से बदल रही है। इस बीच अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने 14 मिडिल ईस्ट देशों से अमेरिकी नागरिकों को तुरंत निकलने की चेतावनी दी है।
इजरायल चुका रहा है कीमत
अमेरिका के ईरान पर हमले की सबसे बड़ी कीमत इजरायल को चुकानी पड़ रही है। उसके कई शहर बर्बाद हो गए हैं। केवल इजरायल ही नहीं गल्फ में जितने भी अमेरिका को सैन्य ठिकाने देने वाले मुल्क हैं वो भी ईरान के गुस्से का शिकार हो रहे हैं। UAE को ईरानी मिसाइलों ने बड़ी मार मारी है। दुबई तक ईरानी की मिसाइलें मार कर रही हैं। दुबई का बुर्ज खलीफा ईरानी मिसाइलों की जद में आ गया है।
जारी हैं ताबड़तोड़ हमले
जंग में ईरान और अमेरिका एक दूसरे पर हमले जारी रखे हुए हैं। इजरायल भी अमेरिका की मदद कर रहा है। ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले हुए हैं। अब तक कम से कम 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, और कई घायल हैं। कुवैत में एक अमेरिकी बेस पर ईरानी मिसाइल हमला हुआ, जिसमें F-15 जेट्स गिरा दिया गया।
अमेरिका ने साऊदी व कुवैत में दूतावास किए बंद
लड़ाई के चलते अमेरिका ने सऊदी अरब और कुवैत में अपने दो दूतावास बंद कर दिए हैं। मिडिल ईस्ट के 14 देशों से अमेरिकी नागरिकों को तुरंत निकलने की चेतावनी दी गई है। दरअसल इन देशों में ईरान की मिसाइलें आसानी से पहुंचकर कहर बरपा रही हैं। ये देश ईरानी मिसाइलों को रोक नहीं पा रहे हैं। इससे अमेरिकी नागरिकों को भारी खतरा पैदा हो गया है।