केरल में NDA को फिर झटका

kabir Sharma
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केरल लोकल बॉडी चुनाव में कांग्रेस नीत UDF का कब्जा, केवल तिरूवंतपुरम से राहत, तमाम नगर निगमों व निकायों पर UDF का कब्जा

नई दिल्ली/तिरूवंतपुरम। केरल लॉकल बॉडी के चुनाव में भाजपा को सूबे की जनता ने एक बार फिर से नकार दिया है। कांग्रेस नीत UDF का राज्य की तमाम नगर निगमों और नगर निकायों पर एक बार फिर से कब्जा हो गय है, लेकिन राज्य की राजधानी को इस बार NDA ने छीन लिया है। दो चरणों (9 और 11 दिसंबर) में हुए स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना पूरी हो गई। कुल 1,199 स्थानीय निकायों (ग्राम पंचायतें, ब्लॉक पंचायतें, जिला पंचायतें, नगरपालिकाएं और नगर निगम) के 23,573 वार्डों के लिए हुए चुनाव में मतदाता turnout 73.69% रहा, जो 1995 के बाद सबसे अधिक है।

शानदार प्रदर्शन से कांग्रेस व UDF में जश्न

चुनाव में शानदार प्रदर्शन से कांग्रेस व UDF के नेता खुश हैं। दोनों ही पार्टियां जश्न मना रही हैं। कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। मिठाइयां बांटी जा रही हैं। यूडीएफ ने अधिकांश नगर निगमों, नगरपालिकाओं और ग्राम पंचायतों में बहुमत हासिल किया। 6 नगर निगमों में से 4 में यूडीएफ की स्पष्ट बढ़त। 87 नगरपालिकाओं में से 55 में यूडीएफ आगे। 941 ग्राम पंचायतों में से करीब 492 में यूडीएफ ने जीत दर्ज की।

लेफ्ट फ्रंट को मजबूती

इस चुनाव में लेफ्ट को भी मजबूती मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ हद तक मजबूती मिली, लेकिन शहरी क्षेत्रों में बड़ा नुकसान हुआ। ग्राम पंचायतों में 347 में जीत। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ हद तक मजबूती मिली, लेकिन शहरी क्षेत्रों में बड़ा नुकसान हुआ। उसको केवल 1-2 नगर निगमों में बढ़त है। वहीं दूसरी ओर 100 वार्डों वाले तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में एनडीए ने 49-50 वार्ड जीते, जो बहुमत के करीब है। यह लेफ्ट के लंबे समय के गढ़ में बड़ा उलटफेर है। भाजपा के लिए राहत की बात यह है कि कुछ अन्य जगहों जैसे थ्रिपुनिथुरा नगरपालिका में भी एनडीए की जीत हुई है। कुल मिलाकर एनडीए ने 25-28 ग्राम पंचायतें और कुछ वार्ड जीते। एनडीए की जीत से राज्य की राजधानी में बीजेपी का पहला बड़ा कब्जा। पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा जैसे उम्मीदवारों की जीत ने सुर्खियां बटोरी।कोझिकोड में एलडीएफ-यूडीएफ में कांटे की टक्कर, जबकि थ्रिसूर में यूडीएफ ने वापसी की है, लेकिन एनडीए की जीत से राज्य की राजधानी में बीजेपी का पहला बड़ा कब्जा। पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा जैसे उम्मीदवारों की जीत ने सुर्खियां बटोरी।

विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल

इस चुनाव को विधान सभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। तिरूवंतपुरम में एनडीए की जीत को सत्तादारियों के लिए खतरे का संकेत बताया जा रहा है।हालांकि तिरूवंतपुरम की जीत को ऊंट के मुंह में जीरा सरीखा बताया जा रहा है। लेकिन यह भी तय है कि यदि कांग्रेस ने अपना गढ़ बचाना है तो बेहद सावधान रहना होगा।

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