अमेरिका की ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमले की धमकी, ईरान की क्षेत्रीय गैस प्लांटों पर हमलों की धमकी, स्ट्रेट होर्मूज के लिए बड़ी लड़ाई संभव
नई दिल्ली। स्ट्रेट होर्मूज के लिए बड़ी लड़ाई की आहट सुनाई देने लगी है। स्ट्रेट होर्मूज का बंद होना अमेरिका के लिए जी का जंजाल साबित हो रहा है। वह किसी भी कीमत पर स्ट्रेट हार्मूज को खुलवाने पर उतारू है। दरअसल स्टेट स्ट्रेट हार्मूज बंद होने से दुनिया भर में तेल और गैस की आवाजाही पूरी तरह से ठप्प है, जिसके चलते तेल और गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ईरान अच्छी तरह से समझ गया है कि स्ट्रेट होर्मूज उसके लिए तुरप का इक्का है। जिसकाे यूज कर वह अमेरिका को जैसे चाहेगा अपनी शर्तों पर राजी करेगा।
सप्ताह भर से बंद है अवाजाही
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों को आज तेइसवां दिन है और स्ट्रेट हार्मूज को बंद हुए आज दस दिन से ज्यादा हो चुके हैं। बगैर अनुमति के गुजरने वाले तमाम माल वाहक वाहनों को ईरानी मिसाइल उड़ा दे रही हैं। इसके अलावा केवल वो वाहन गुजर पा रहे हैं जिसने से ईरान भारी भरकम टोल वसूल रहा है। इस समुद्री रास्ते का करीब साठ फीसदी हिस्सा ईरान के कब्जे में है और दुनिया का साठ फीसदी तेल और गैस इसी रास्ते से हाेकर दुनिया के देशाें तक पहुंचता है। स्ट्रेट हार्मूज पर ईरानी मिसाइलों के पहरे ने पूरी दुनिया का बजट गड़बड़ा कर रख दिया है।
ईरानी मिसाइलों का खौफ
स्ट्रेट हार्मूज खोलने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने तमाम मित्र देशों से मदद मांग चुके हैं लेकिन ईरानी मिसाइलों के हमले के डर से कोई मदद को तैयार नहीं है। इससे ट्रंप अपने दोस्तों से बुरी तरह से नाराज हैं। अब उन्होंने खुद ही ईरान से अकेले भिड़ने का मन बना लिया लगया है। माना जा रहा है अमेरिकी मैरीन और एयर फोर्स को स्ट्रेट हार्मूज को खोलने के लिए उतारने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा किया गया तो मिडिल ईस्ट में कुवैत और कतर के गैस संयंत्रों पर दोबारा हमला बोलेगा। तीन दिन पहले ईरानी मिसाइलों ने इन गैस संयंत्रों पर भारी तवाही मचायी थी। ईरानी हमलों के बाद इन संयंत्रों का साठ फीसदी हिस्सा बर्बाद हो गया है। वहां कम से कम पांच साल के लिए अब गैस सप्लाई नहीं की जा सकेगी।