कैंट विधायक ने संकरे पुल का किया निरीक्षण

kabir Sharma
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बोर्ड के मनोनीत सदस्य भी रहे मौजूद, बोर्ड बैठक में पुल चौड़ा किए जानें की जरूरत मानी, आसपास से अवैध कब्जे हटाएं

मेरठ। कैंट विधायक अमित अग्रवाल और बोर्ड के मनोनीत सदस्य डा. सतीश शर्मा ने हनुमान चौक के समीप मिस्टर टॉक के सामने स्थित संकरे पुल का निरीक्षणकिया। दरअसल इसको लेकर कैंट बोर्ड की पिछली बैठक पुल को चाैड़ा किए जाने का प्रस्ताव सैद्धांतिक रूप से मान लिया गया था। कैंट विधायक यहां काफी देर रूके और जायजा लिया। दरअसल इस पुल के आसपास सड़कों पर भी अवैध कब्जे हैं, जहां व्यापक कार्रवाई की जरूरत है। इसको लेकर विधायक संभवत: सीईओ कैंट को बताएंगे कि क्या और कैसे किया जा सकता है ताकि लोगों को राहत मिल सके।

एसजीएम के सामने डिमार्केशन की ली जानकारी

बेगमपुल के रैपिड स्टेशन के कार्य के चलते जिस होटल संचालक को हटा दिया गया था, उसको एजीएम गार्ड के सामने तिराहे पर कैंट बोर्ड जगह दे रहा है। वह जगह कैंट बोर्ड की है, लेकिन वहीं मौजूद एसजीएम गार्ड संचालक उस तिराहे पर होटल खुलवाए जाने का विरोध कर रहे हैं। इसको लेकर आज हंगामा हो गया। मौके पर पुलिस पहुंच गयी। वहां कैंट विधायक अमित अग्रवाल व कैंट बोर्ड के सदस्य डा. सतीश शर्मा भी पहुंचे। जिसके बाद एसजीएम संचालक ठंड़े पड़ गए। रैपिड रेल के बेगमपुल स्टेशन के कार्य के दौरान तमाम दुकानदारों को हटा दिया गया था। जिस स्थान पर बेगमपुल स्टेशन का गेट है, वहां भी एक होटल था। उसको भी हटा दिया गया था, लेकिन उसको दूसरी जगह देने का वादा किया गया था। बेगमपुल का रैपिड स्टेशन चालू हो गया है। जब स्टेशन चालू हो गया तो होटल संचालक ने कैंट बोर्ड, कैंट विधायक और कैंट बोर्ड के सदस्य डा. सतीश शर्मा की परिक्रमा शुरू की। कैंट बोर्ड ने उसके होटल के लिए लालकुर्ती एसजीएम गार्डन के सामने वाला तिराहे के कौना चिन्हित किया जो इंडाना बार वाले रास्ते पर मौजूद है।

एसजीएम संचालक कर रहे विरोध

शाम को उक्त होटल संचालक कौने की सफाई करा रहा था तो वहां एसजीएम के संचालक आ धमके। उन्होंने विरोध किया। बाद में वहां कैंट विधायक अमित अग्रवाल और कैंट बोर्ड के सदस्य डा. सतीश शर्मा भी आ गए। कैंट बोर्ड का स्टाफ भी गया तब कहीं जाकर यह विवाद शांत हो सका। बेगमपुल स्टेशन के गेट से हटाए गए होटल संचालक को यह जगह कैंट बोर्ड ने दी है, इसलिए एसजीएम मार्ग के विरोध की कोई तुक नहीं है। लोगों ने बताया कि एसजीएम के संचालक के विरोध की वजह जिस होटल संचालक को जगह दी गयी है वह नॉनवेज का काम करता है और एसजीएम के मालिकों ने जिन्हें बाहर जगह दी है वो भी नॉनवेज का काम करते हैं।

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