विकासपुरी में डेयरियों से दर्जन भर पंप उखाड़े, संचालकों का हंगामा, निगम का प्रवर्तन दल की बड़ी कार्रवाई
मेरठ। लिसाड़ीगेट के विकासपुरी इलाके में करीब दर्जन भर डेयरियों से नगर निगम के प्रवर्तन दल ने सब मर्सिबल पंप उखाड़े। साथ ही डेयरी संचालकों को चेतावनी दी गयी कि यदि आबादी के बीच चल रहीं डेयरियों को नहीं हटाया गया तो बड़ी कार्रवाई की जाएगी। डेयरी संचालकों पर भारी जुर्माना भी किया गया है। इस दौरान निगम की कार्रवाई के विरोध में डेयरी संचालकों ने जमकर हंगामा भी किया। हालांकि प्रवर्तन दल पर इस हंगामे का कोई असर नहीं हुआ और कार्रवाई जारी रही।
लिसाड़ीगेट इलाके में बड़ी संख्या में डेयरियां चल रही हैं। विकासपुरी को इन डेयरियों का एपिक सेंटर माना जाता है। इन तमाम डेयरियों में भूगर्भीय जल का अवैध दोहन किया जाता है। हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि आबादी वाले इलाकों में संचालित डेयरियों को कैटल कालोनी विकासित कर बाहर किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में करीब चार साल पहले नगर निगम और कैंट बोर्ड ने जरूर अभियान चलाया था, लेकिन वक्त के साथ-साथ यह अभियान दम तोड़ता चला गया। लिसाड़ीगेट के घनी आबादी वाले विकासपुरी इलाके में अरसे से चल रही डेयरियों को लेकर लगातार नगरायुक्त से की जा रही थीं। उसी को लेकर गुरूवार को नगरायुक्त के निर्देश पर निगम का प्रवर्तन दल विकासपुरी में अभियान चलाने पहुंचा था, यह अलग बात है कि डेयरियों के खिलाफ अभियान के नाम पर प्रवर्तन दल और साथ गए अपर नगरायुक्त केवल डेयरियों के सब मर्सिबल पंप उखाड़कर आ गए।
प्रवर्तन दल को घेरा
गुरूवार सुबह जब निगम का प्रवर्तन दल और अपर नगरायुक्त सरीखे अधिकारी विकासपुरी पहुंचे तो वहां हड़कंप मच गया। प्रवर्तन दल की टीम ने लाउट स्पीकर से डेयरियां हटाए जाने के लिए चेतावनी देनी शुरू कर दी। इसके कुछ देर बाद बड़ी संख्या में वहां डेयरी संचालक और उनके करीबी पहुंचने शुरू हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बगैर किसी पूर्व नोटिस के यह कार्रवाई की जा रही है। इस पर प्रवर्तन दल ने सफाई दी कि यह कार्रवाई चार साल से चल रही है और अदालत के आदेश पर की जा रही है। आबादी के बीच चल रही कोई भी डेयरी नहीं रहने दी जाएगी। आबादी के बीच जितनी भी डेयरियां चल रही हैं वो सभी गांव देहात में ले जायी जाएं या आबादी के बाहर वाले इलाके में लेकर जाए। कुछ डेयरी संचालकों ने अदालत के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि डेयरी संचालकों के लिए कैटल कालोनी विकासित की जाए। इसको लेकर वहां हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर निगम का दस्ता केवल सब मर्सिबल पंप उखाड़कर लौट गया।