
किसान कमेटी की बैठक आज आंदोलन तेज करने का लिया जा सकता है निर्णय, जो समझौता हो चुका उससे कम कुछ भी नहीं
मेरठ। साल 2015 में प्राधिकरण से हुए समझौते को लागू करने के सवाल पर कोई रास्ता नहीं निकला है। वहीं दूसरी ओर शनिवार को किसानों के धरने का छठा दिन है। उनका कहना है कि मंडपम से तभी हटेंगे जब मेरठ विकास प्राधिकरण साल 2015 को हुए समझौते को लागू करने को राजी हो जाएगा। वेदव्यासपुरी स्थित मंडपम पर गंगानगर, लोहिया नगर और वेदव्यासपुरी योजना के किसान प्रतिकर की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। इनमें बड़ी संख्या महिलाओं की भी है। शनिवार को काफी संख्या में किसान मंडपम पर पहुंचे। किसान नेता नरेश प्रधान ने आरोप लगाया कि एमडीए के अधिकारियों पर इस बात का कोई असर नहीं हो रहा कि इतनी कड़ी धूप में बरसात में किसान धरने पर बैठा हैं, जिनमें बुजुर्ग पुरुष व महिलाएं भी शामिल हैं अगर किसी के साथ कोई बात हो गई तो कौन जिम्मेवार होगा, एमडीए के अधिकारियों के इस बर्ताव को देखते हुए रविवार को किसान कमेटी मीटिंग कर अपनी आगे की रणनीति तैयार करेंगे। मुआवजे की समस्या से आक्रोशित किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि चाहे जो मजबूरी हो किसानों की मागें पूरी हो जब तक मुआवजा नहीं धरना अनिश्चितकालीन चलता रहेगा । किसानों की एक ही मांग वर्ष 2015 के समझौते अनुसार मुआवजा या प्लाट दें। शनिवार को धरने पर नरेश प्रधान, जगदीश बसुटा, गजपाल जातला, मंगतसिंह, अनिल चौधरी सचिन सिवाच, सतेंद्र बैंसला, सतपाल मलियाना, बाला, स्यामो देवी, केला, संगीता, कविता, रगबीरो, गीता आदि व लोहिया नगर के कई किसान बैठे।