बेगमपुल चौराहे पर बैक गेयर में दौड़ रहीं ई रिक्शा

kabir Sharma
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बेगमपुल और हापुड़ स्टैंड चौराहा है ई रिक्शा फ्री जोन, सबसे बुरा हाल बेगमपुल चौराहे का, ट्रैफिक स्टाफ के बाद भी हालात बद से बदत्तर

मेरठ। ई-रिक्शाओं की वजह से महानगर में जाम की मुसीबत से निजात दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने हापुड़ स्टैंड और बेगमपुल चौराहे को ई रिक्शा फ्री जोन घोषित किया था। लेकिन सबसे ज्यादा मुसीबत इन्हीं दो चौराहों को लेकर है। बेगमपुल चौराहे पर यूं कहने को ट्रैफिक का स्टाफ लगाया गया है, लेकिन उसके बाद भी सोतीगंज चौराहे से बेगमपुल के प्रतिबंधित इलाके से होकर चौराहे तक ई रिक्शा सवारियों के लिए बैकगेयर में दौड़ाई जा रही हैं।

हलफनामे की खोल रही पोल

बैक गेयर में दौड़ाई जा रही ई रिक्शा ट्रैफिक पुलिस के हाईकोर्ट में दाखिल किए गए उस हलफनामे की पोल खोल रही हैं, जिसमें ऑल इज वेल का दावा किया गया है। महानगर के टैफिक के लिए बड़ी मुसीबत बनीं ई-रिक्शाओं में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के यहां सुनवाई चल रही है। इसको लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज चौधरी ने जनहित याचिका दायर की है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रदेश के एडीजी टैफिक, अरटीओ, डीएम मेरठ और एसएसपी को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया। इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में मेरठ टैफिक पुलिस ने जो हलफनामा दायर किया गया है बकौल मनोज चौधरी उसमें तो ऑल इज वेल बताया गया है। जबकि ई-रिक्शाओं ने मेरठ की दुर्दशा कर दी है। इसको लेकर बेगमपुल के व्यापारी नेता पुनीत शर्मा का कहना है कि यह तो वह नहीं जानते कि इलाहाबाद में चल रही सुनवाई में मेरठ ट्रैफिक पुलिस की ओर से क्या हलफनामा दायर किया गया है, लेकिन जिस प्रकार की बातें और दावे टैफिक पुलिस की ओर से किए जा रहे हैं, यहां वैसा कुछ भी नहीं है। बेगमपुल चौराहे को ई-रिक्शा फ्री जोन घोषित किया गया था, लेकिन ई-रिक्शाओं का सबसे ज्यादा गदर बेगमुपल पर ही है। बेगमपुल के हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां तो मुख्य बाजार में चालक उल्टी ई-रिक्शा दौड़ा रहे हैं। बैक गेयर में ई-रिक्शाएं दौड़ाई जा रही है।

75 हजार ई रिक्शाएं

एक अनुमान के अनुसार महानगर में करीब कैंट विधायक अमित अग्रवाल और राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी इसको लेकर एमडीए की बड़ी बैठक में चिंता जाहिर कर चुके हैं। ई-रिक्शाओं की संख्या नियंत्रण करने की बात तो सभी करते हैं, लेकिन ई-रिक्शाओं की संख्या मेरठ में नियंत्रित होने की सूरत नजर नहीं आ रही है। सुबह के वक्त गरी दस से ग्याराह बजे के बीच ई-रिक्शाएं शहर के ट्रैफिक के लिए किसी नासूर सरीखी होती हैं। ऐसा नासूर जो काम पर जाने वालों को दर्द देती हैं। शहर में में ई-रिक्शा, खासकर पीएल शर्मा रोड पर, एक बड़ी समस्या बन गए हैं, जिससे व्यापारियों और आम जनता को परेशानी हो रही है। 

नासूर बन चुकी हैं

शहर में जाम की समस्या नासूर बन चुकी है। इससे निजात दिलाने के लिए समय-समय पर योजनाएं बनती रही हैं, लेकिन उम्मीद के मुताबिक राहत नहीं मिली। पुलिस के अफसर इनकी संख्या पर अंकुश लगाने की बात तो करते हैं, लेकिन अंकुश कैसे लगाया जाए इसकी जानकारी तक उन्हें नहीं। जिन प्रयासों की बात की जा रही है उनके तहत शहर के तीन मुख्य मार्गो गढ़ रोड, हापुड़ रोड व दिल्ली रोड पर ई-रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित करने का दावा किया था, लेकिन दावा परवान नहीं चढ़ सका।

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वीडियो खोल रहे पोल

महानगर के जिए एरिया को ई रिक्शा फ्री जोन बता कर अफसर अपनी पीठ थपथपाते हैं, उस बेगमपुल चौराहे पर उल्टी दौड़ रही ई-रिक्शाओं की वीडियो बनाकर पुनीत शर्मा ने कमिश्नर, डीएम, एसएसपी और एसपी टैफिक को भेजी है, ताकि उन्हें पता चला सके कि बेगमपुल पर ई-रिक्शाओं का किस प्रकार कहर टूट रहा है। आए दिन उनकी चपेट में आकर लोग चोटिल हो रहे हैं। हालत बद से बदतर कर दी गयी है। बेगमुपल के व्यापारियों के ईरिक्शा किसी मुसीबत से कम नहीं है। पुलिस प्रशासन के तमाम आला अफसरों से इस कहर से निजात दिलाने की मांग की गयी है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर बेगमपुल के व्यापारी अब सांसद, मंत्री व विधायक से भी मिलेंगे। वहीं, दूसरी ओर यदि हलफनामे की बात करें तो उसमें तो सब चंगा सी यानि ऑल इज वेल है। ई-रिक्शाओं के लिए पूरे शहर को जोन में बांट दिया गया है। एक जोन के ई-रिक्शा दूसरे जोन में नहीं चलते हैं। सभी जोन के लिए ई-रिक्शाओं पर स्टीकर चस्पा कर दिए गए हैं। अवैध ईरिक्शाओं के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ा हुआ है। बड़ी संख्या में ई-रिक्शा सीज किए गए हैं। चालान किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई से कहीं भी ई-रिक्शा अभी मुसीबत नहीं रही हैं। शहर में सब चंगा सी, लेकिन ई-रिक्शाओं को लेकर हालत क्या कर दी गयी है। इसका अंदाजा शहर के किसी भी बाजार या इलाके में पहुंचकर लगाया जा सकता है।

यह कहना है लोगों का

बेगमपुल व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष पुनीत शर्मा कहते हैं कि बैकगेयर में दौड़ने वाली ई रिक्शाओं के वो अनेकों बार मंडलायुक्त, जिलाधिकारी व एसएसपी तथा एसपी ट्रैफिक को वीडियो भेज चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

सुधा सेठ बेगमपुल व्यापार संघ की खजांची हैं। उनका कहना है कि ई रिक्शाओं की समस्याओं को लेकर अफसर भले ही कुछ ही दावे क्यों ना करते हों, लेकिन हकीकत तो यह है कि महानगर में ई रिक्शाओं की समस्या अब लाइलाज रोक बन गयी है।

बेगमपुल तिलक रोड निवासी मुकेश गुप्ता बताते हैं कि बेगमपुल चौराहा प्रतिबंधित इलाका घोषित कर दिया गया है तो ई रिक्शाओं ने बेगमबाग और तिलक रोड सरीखे रास्ते इजाद कर लिए हैं। इन इलाकों में इनकी वजही से एक्सीडेंट हो रहे हैं।

पीएल शर्मा रोड निवासी आनंद भारद्वाज तो और भी ज्यादा दुखी और परेशान हैं। उनका कहना है कि ई रिक्शा की सबसे ज्यादा मार तो पीएल शर्मा रोड पर पड़ी है। यह इलाका पहले से ही जाम की चपेट में है। रही सही कसर ई रिक्शा ने पूरी कर दी।

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बेगमबाग निवासी कारोबारी रीमा बधावन बताती हैं कि ई रिक्शाओं का बेगमबाग की तंग गलियों में आना बेदह खतरनाक साबित हो रहा है। इसकी वजह से परिवार के छोटे बच्चे हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस पर रोक लगायी जानी चाहिए।

तिलक रोड निवासी आरती सिंह ने मंडलायुक्त, डीएम और एसएसपी से आग्रह किया है कि किसी भी तरह से गलियों में आ पहुंची ई रिक्शाओं की मुसीबत से लोगों को निजात दिलायी जाए। इससे सबसे ज्यादा परेशान छोटे बच्चे और बुर्जुग हो रहे हैं।

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