देश भर में व्यापक हिंसा, नागरिकों को देश छोड़ देने की सलाह, स्कूल कालेज किए बंद, राजधानी में भी हिंसा
नई दिल्ली/न्यूयार्क। मेक्सिको में सेना के साथ हुई एक बड़ी मुठभेड़ में 136 करोड़ का इनामी एल मेंचों मारा गया। उसकी मौत की खबर जैसे ही फैली उसके साथ ही मेक्सिको सिटी जल उठा। पूरा शहर डेमेज लग्जरी गाड़ियों का कब्रिस्तान बन गया है। व्यापक स्तर पर हिंसा हुई है। इसमें करीब दर्जन भर मारे जाने की आशंका है। लोग घरों में दुबके हैं शहर में कर्फ्यु सरीख माहौल है। सरकार ने लोगों से बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने को कहा है।
देश छोड़ देने की एडवाइजरी
भारत और अमेरिका समेत दुनिया के तमाम देशों ने अपने नागरिकों को मेक्सिको छोउ़ देने की एडवाइजरी जारी की है, लेकिन व्यापक स्तर पर हुई हिंसा अभी जारी है और ऐसे में लोगों को मेक्सिको छोड़कर जाना लगभग असंभव नजर आ रहा है। लोग बुरी तरह से डरे हुए हैं। उनका कहना है कि यह बेहद डरावना मंजर है। ज्यादातर उड़ानें रद्द कर दी गईं और यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल है। रिपोर्ट के अनुसार 64 वर्षीय जैसिंटा मर्सिया जैसे लोग डर के बीच सफर कर रहे थे, उन्होंने कहा, “मैं डरी हुई हूं… कहीं रोडब्लॉक न हो, कर्फ्यू न लग जाए, कुछ भी हो सकता है। यहां मैं बिल्कुल अकेली हूं.”
सेना के तीन जवान घायल
इस मुठभेड़ में सेना के तीन जवान घायल हुए हैं तथा एल मेंचो के चार साथी मारे गए हैं। सरकारी रिपोर्ट में बताया गया है कि मेक्सिको में रविवार को जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल के खिलाफ एक बड़ा सिक्योरिटी ऑपरेशन किया। सेना को एक गोपनीय आउटपुट मिला था। जिसके बाद स्पेशल फोर्सेज ने इस रेड में कुख्यात ड्रग लॉर्ड और सीजेएनजी के लीडर एल मेंचो को मार गिराया गया। वहीं यूनाइटेड स्टेट्स ने कहा है कि यह ऑपरेशन वॉशिंगटन से मिली इंटेलिजेंस के आधार पर किया गया। जलिस्को, मिचोआकान और गुआनाजुआतो में कम से कम 14 अन्य लोगों की मौत की खबर है, जिनमें सात नेशनल गार्ड जवान शामिल हैं।
राजधानी में पसरा सन्नाटा
जलिस्को की राजधानी ग्वाडलाहारा, जो देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, लगभग पूरी तरह बंद रहा. लोग डर के कारण घरों से बाहर नहीं निकले। यहीं से एल मेंचो का कार्टेल शुरू हुआ था और यहीं उसका सबसे अधिक दबदबा है।सोशल मीडिया एक्स पर व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि ऑपरेशन मैक्सिकन सरकार के निर्देशों पर किया गया, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इंटेलिजेंस सपोर्ट मुहैया कराया था। एल मेंचो मैक्सिकन और यूनाइटेड स्टेट्स सरकार के लिए एक टॉप टारगेट था क्योंकि वह हमारे देश में फेंटानिल के सबसे बड़े तस्करों में से एक था। पिछले साल प्रेसिडेंट ट्रंप ने जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल को सही मायने में एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
स्कूल कालेज बंद
एल मेंचो की मौत के बाद कई राज्यों में स्कूल बंद कर दिए गए है। स्थानीय और विदेशी सरकारों ने अपने नागरिकों से घरों के अंदर रहने की अपील की गई है। कार्टेल के सदस्यों ने बदले में 20 राज्यों में 250 से ज्यादा जगहों पर सड़कें जाम कर दीं। गाड़ियों को आग लगा दी गई और कई जगह फायरिंग की घटनाएं हुईं।