
साल 2015 को प्राधिकरण के साथ हुए समझौते पर अडे़ है तीनों योजनाओं के किसान, धरना स्थल पर पहुंचे अफसरों को किसानों ने बैठा लिया जमीन पर
मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण के जो तीन अफसर चीफ- मानवेंद्र सिंह, एक्सीयन- पवन भारद्वाज और एई- हंसराज भाटी किसानों को समझाने पहुंचे थे किसानों ने उलटा उन्हें ही समझा दिया। किसानों ने दो टूक कह दिया कि जब किसान 2015 को हुए समझौते को मान रहे हैं तो फिर मेरठ विकास प्राधिकरण पूर्व में बाकायदा कागजों पर किए गए समझौते से क्यों पीछे हट रहा है। समझौता करो और मुकर जाओ यह चलन अफसरों में होता होगा, गांव देहात के किसानों ने एक बार जो वचन दे दिया फिर पूरी जिंदगी उस वचन को निभाते हैं। उन्होंने कहा कि किसान मेरठ प्राधिकरण को भी पहले हो चुके समझौते से पीछे हटने नहीं देंगे। इससे पहले प्राधिकरण के तीनों अफसर जाते ही वेदव्यासपुरी के मंडपम स्थित धरना स्थल पर बिछाए गए तख्त पर जाकर बैठ गए और किसानों को बताने लगे कि पुराने समझौते की बात ना करें। उसके बाद इन अफसरों को जमीन पर बिछी दरी पर बैठने को कहा और बताया कि यहां बैठकर देखो हमारे दर्द का अहसास करो। उन्होंने कहा कि एयरकंडीशन में और उमस भरी गर्मी व बरसात में यहां बैठने में फर्क होता है। रात भर किसान धरना स्थल पर बैठे रहते हैं। बिजली के नाम पर केवल एक बल्ब है। जिस दिन किसानों के दर्द का अहसास हो जाएगा, उस दिन ऐसी बातें नहीं करोगे जैसी करने को आए हो।
महिलाओं ने लिया आडेÞ हाथों
बातचीत के दौरान किसान परिवारों की महिलाएं भी मौजूद थीं। उन्होंने जब बातचीत को आए प्राधिकरण के अधिकारियों से बात शुरू की तो वहां माहौल एकाएक गरमा गया। महिलाओं के तीखे सवालों पर प्राधिकरण अधिकारी उखड़ गए। वहां नोकझोंक वाली स्थिति बन गयी। किसानों ने ही किसी तरह माहौल सामन्य किया। धरने में शामिल एडवोकेट नरेश प्रधान ने बताया कि बातचीत को आए अधिकारियों को बता दिया गया है कि साल 2015 में हुए समझौते से कम में कुछ भी मंजूर नहीं है। ना तो किसान पीछे हटेंगे और ना ही एमडीए को पीछे हटने देंगे। अधिकारियों से कहा गया कि यह बात वो जाकर वीसी और सचिव को समझा दें। वहीं दूसरी ओर गंगानगर, लोहिया नगर और वेदव्यासपुरी योजना के किसान जिनकी प्रतिकर की रकम बकाया है, वो पूरी रात धरना स्थल पर ही बैठे रहे।
इंसेट
बेहोश महिला को अधिकारी ले गए गाड़ी से
मेरठ। धरना स्थल पर उमस और गर्मी की वजह से एक महिला कृष्ण पति का नाम खेमचंद निवासी ग्राम पुट्ठा वेदासपुरी योजना अचानक बेहोश हो गयी। उनके बेहोश होने पर धरना स्थल पर अफरातफरी मच गई। अन्य महिलाओं ने उनकी हथेली और तलवे भी हाथों से मसले, लेकिन जब वह होश में नहीं आयीं तो प्राधिकरण के अधिकारियों ने उन्हें अपनी गाड़ी से डाक्टर के यहां पहुंचाया। उनके परिवार के सदस्य भी हॉस्पिटल पहुंचे। बाद में जानकारी मिली कि वह अब ठीक हैं। हीट स्ट्रोक चलते कृष्ण बेहोश हो गयी थीं। उनकी बेहोशी की वजह से परिवार के सदस्य भी बुरी तरह से घबरा गए थे।