सील लगाकर भूला मेडा

kabir Sharma
6 Min Read
WhatsApp Channel Join Now

नेहरू रोड स्थित अवैध होटल के निर्माण पर प्राधिकरण ने सील लगायी थी, उसके बाद भी अब बनकर है तैयार

मेरठ। बुरी तरह फजीहत के बाद सिविल लाइन के नेहरू रोड पर अवैध रूप से बनाए जा रहे जिस होटल पर मेरठ विकास प्राधिकरण ने सील लगायी थी, वो होटल अब बनकर तैयार हो गया है और अब पूरे धमाके के साथ अब उसकी ओपनिंग की तैयारी है। इससे यह तो साफ हो गया है कि प्राधिकरण ने जो सील लगायी थी वो महज एक दिखावा भर थी। जिस जोनल अधिकारी के आदेश पर अवैध रूप से बनाए जा रहे होटल को सील किया गया था, उसी जोनल अधिकारी की शह पर अवैध रूप से बन रहे इस होटल का काम पूरा पूरा किया गया है। प्राधिकरण व अन्य किसी की परवाह किए होटल बनाने वालों ने बुधवार को इस होटल के मेनगेट को खोल यह साबित कर दिया कि प्राधिकरण हो या कोई और हो उन्हें किसी का डर नहीं, जो डर की बात करता हो वो सामने आ जाए। उनकी यह चुनौती एक तरह से प्राधिकरण के नए वीसी और सचिव को है, सचिव के आदेश पर ही जोनल अधिकारी ने इस अवैध होटल को सील करने की रसम अदायगी की थी।

बाहर सील भीतर निर्माण

करीब एक साल पहले जब इस अवैध निर्माण को प्राधिकरण ने सील किया था, उसके बाद सिर्फ इतना हुआ था कि जो अवैध निर्माण अल एलान किया जा रहा था, सील लगाने के बाद उस पर हरा पर्दा डाल दिया गया, लेकिन एक भी दिन काम नहीं रोका गया। काम बादस्तूर जारी रहा। सील के बाद टाइल और फिनिशिंग का काम पूरा किया गया। छतों का जो कम रूका हुआ था उसको पूरा किया गया, बुधवार को जब यह संवाददाता वहां पहुंचा तो मेनगेट पर पेंट का काम चल रहा था, जब पेंटरों से भीतर के काम के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि भीतर का काम पहले ही निपटा दिया गया है, अब केवल मेनगेट का काम बाकि रह गया है, वो भी दो दिन में निपट जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जल्दी-जल्दी काम निपटाने को कहा गया है, क्योंकि होटल की ओपनिंग होनी है।

रोड पर होगी पार्किंग

नेहरू रोड पर अवैध रूप से निर्माण किए गए इस होटल में कहीं भी पार्किग की व्यवस्था नहीं की गयी है। इतना ही नहीं इस होटल में भीतर जाने के लिए जो सीढ़ियां बनायी गयी हैं वो भी रोड पर हैं, जब सीढ़ियां ही रोड पर हैं तो फिर पार्किग का तो कोई सवाल ही नहीं उठता। इस होटल में आने जाने वाले अपने वाहन रोड पर ही पार्क करेंगे। यहां यह भी स्पष्ट कर दें कि नेहरू रोड पर जहां यह होटल बनाया गया है, वहां आसपास कई कोचिंग इंस्टीट्यूट के अलावा सामने ही चंद कदम की दूरी पर कचहरी है। पीक ऑवर में यहां प्रतिदिन जाम लगता है, जब यह होटल चालू हो जाएगा तो तब क्या हालत होगी लगता है कि इससे सील लगाकर रस्म अदायगी करने वाले प्राधिकरण के जोनल अधिकारी व होटल बनाने वालों को कोई सरोकार नहीं। इसके अलावा इस होटल से चंद कदम की दूरी पर मंदिर है, ऐसा नहीं कि इस होटल में नॉनवेज नहीं बनेगा, होटल बनाने वालों को मंदिर का भी कोई खोफ नहीं

पुराने मकान को तोड़कर अवैध निर्माण

सिविल लाइन के नेहरू रोड पर जहां यह होटल बनाया गया है, वहां पहले कभी पुराना मकान हुआ करता था। उस मकान को तोड़कर पहले यहां कोचिंग इंस्टीटयूट बनाया गया, नियमानुसार आवासीय बिल्डिंग का कामर्शियल यूज हो नहीं सकता, लेकिन प्राधिकरण की मेहरबानियों के चलते अरसे तक कोचिंग इंस्टीट्यूट चलता रहा, कोचिंग इंस्टीट्यूट को किराए पर यह जगह देने वालों को होटल का आइडिया ज्यादा मुफीद लगा और उन्हाेंने बगैर अंजाम की परवाह किए प्राधिकरण के कुछ भ्रष्ट अफसरों के सामने बोटी डालकर अवैध रूप से इस होटल का निर्माण कर डाला। यह भी पता चला है कि इस अवैध होटल के मालिक गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के कोई इंजीनियर हैं । इसी वजह से प्राधिकरण के अधिकारी इस अवैध निर्माण बुलडोजर चलाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। अवैध निर्माण जारी रहा और अब इसकी आपनिंग की तैयारी है। संभव की इसका न्यौता वीसी को भी भेजा जाए।

- Advertisement -

वर्जन

सील लगाने वाले जोनल अधिकारी अर्पित यादव से जब इस संवंध में पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए बताया कि उस पर तो सील लगायी है। इस मामले को दिखवाया जाएगा।

WhatsApp Channel Join Now
Share This Article
1 Comment
  • बहुत ही गजब की खबर। मेरठ विकास प्राधिकरण सिर्फ भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *