लगातार बढ़ रही हैं कीमतें, मीडिल क्लास के हाथ से फिसल रहा सोना, बहन बेटियों की शादी में सोना देना बना अब सपना
नई दिल्ली/मेरठ। सोने ने आज रिकार्ड ऊंचाई को छू लिया है। जिसके बाद अब सोना खरीदना महज रईसों का शगल बनता जा रहा है। आम आदमी खासतौर से यदि लोअर मीडिल क्लास की बात करें तो उनके लिए सोना अब सपना बनता जा रहा है। सोसाइटी के गरीब यानि पुअर क्लास के लिए तो सोना अब वाकई सपना भर रह गया है। शेयर बाजार में जिस तरह से सोने पर निवेशक ज्यादा भरोसा जता रहे हैं उसके बाद सोना केवल अमीरों का रिवाज भर रह जाएगा। : वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच सोने की कीमतें लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही हैं। आज एक बार फिर सोना नई ऊंचाई छू गया, जिससे आम आदमी, खासकर मिडिल क्लास और निम्न आय वर्ग के लिए गहने खरीदना या निवेश करना सपने जैसा हो गया है। शादियों के सीजन और त्योहारों के बावजूद ऊंची कीमतों ने ज्वैलरी की मांग को प्रभावित किया है, कई परिवार अब सोने की जगह वैकल्पिक विकल्प तलाश रहे हैं।
मीडिल क्लास की परचेजिंग पावर से फिसला
सोने के आज के रेटों के बाद यह आसानी से कहा जा सकता है कि सोना अब मीडिल क्लास या लोअर मीडिल क्लास की परचेजिंग पावर से फिसल रहा है। यह स्थिति गरीब और निम्न मिडिल क्लास के लिए और चुनौतीपूर्ण है, जहां सोना बचत का पारंपरिक माध्यम था। शहर के बड़े व्यापारी नेता विपुल सिंहल ने सरकार से अपील है कि आयात शुल्क में राहत या ईएमआई विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए ताकि आम आदमी की क्रय शक्ति बनी रहे। वर्ना सोना केवल रईसों के पास कैद होकर रह जाएगा।
आज के गोल्ड रेट
चौबीस कैरेट सोना (शुद्ध): ₹1,38,200 से ₹1,38,700 प्रति 10 ग्राम (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में औसतन ₹1,38,500 के आसपास)। 22 कैरेट सोना (ज्वैलरी के लिए मानक): ₹1,26,000 से ₹1,27,000 प्रति 10 ग्राम। शहर के बड़े गोल्ड कारोबारी व बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में भारतीय बाजार में ₹1,500 से ₹2,000 तक की उछाल दर्ज की गई। चांदी भी रिकॉर्ड हाई पर: ₹2,09,000 से ₹2,19,000 प्रति किलो।
यह कहना है एक्सपर्ट का
बाजार की नव्ज टटोलने वाले भाजपा के सुशील रस्तौगी की मानें तो मिडिल क्लास परिवारों के लिए शादी-ब्याह में सोना खरीदना अब बोझ बन गया है – जहां पहले 50-100 ग्राम आसानी से खरीद लेते थे, अब बजट सीमित हो रहा है। ज्वैलर्स रिपोर्ट कर रहे हैं कि मांग 20-30% घटी है, लोग अब गोल्ड ईटीएफ या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की ओर मुड़ रहे हैं।